पराली जलाने के केस पाए जाने पर जुर्माना वसूलें एसडीएम : डीसी
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। डीसी शरणदीप कौर बराड़ ने जिले में पराली प्रबंधन व पराली जलाने के मामले में कैंप कार्यालय में समीक्षा बैठक करते हुए जिले के सभी एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि जिन-जिन क्षेत्रों में पराली जलाने से संबंधित केस पाए गए हैं, उनसे तुरंत जुर्माना राशि एकत्रित करें। उन्होंने साथ ही कहा कि एसडीएम यह भी सुनिश्चित करें कि वह अपने क्षेत्र में एक गांव को चिह्नित करें जहां पर किसानों ने एक खेत में भी पराली न जलाई हो और उन्होंने फसलों के अवशेषों का किस प्रकार प्रबंधन किया है, इस बारे में जानकारी हासिल करें।
एसडीएम सुभाष चंद्र सिहाग ने डीसी को अवगत करवाया कि छावनी क्षेत्र के तहत चार जगहों पर पराली जलाने की सूचना मिली थी लेकिन जब उन्होंने मौके पर जाकर मुआयना किया तो दो जगहों पर इस तरह की कोई घटना नहीं पाई गई। उन्होंने पराली जलाने संबंधी केसों में एसडीएम से किसानों पर किए गए जुर्माने संबंधित जानकारी ली और तहसीलदार अंबाला शहर को सख्त निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र में किए गए जुर्माना राशि को तुरंत एकत्रित करने का कार्य करें। डीसी ने कहा कि कोई भी तहसीलदार संबंधित एसडीएम की अनुमति के बिना मुख्यालय न छोड़ें।
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पिछले वर्ष की तुलना में वायु की गुणवत्ता में सुधार
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय पंचकूला के एसडीओ नरेश कुमार ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष अवशेषों को जलाने के मामलों में कमी आई है, जिसके परिणामस्वरूप इस बार वायु की गुणवत्ता में सुधार हुआ है तथा इस वर्ष वायु के अंदर पीएम 2.5 की मात्रा 60.91 एमजी/एम3 आंकी गई है जोकि पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम है। उन्होंने बताया कि दीपावली से पहले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 1 से 14 नवंबर तक वीटा मिल्क प्लांट के अंदर एक स्टेशन स्थापित किया है जोकि वायु की गुणवत्ता का आंकलन करेगा। इस मौके पर एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह, एसडीएम बराड़ा गिरीश कुमार, नगराधीश सुशील कुमार, डीडीपीओ रेनू जैन, कृषि उपनिदेशक डॉ. गिरीश नागपाल, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ नरेश कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।