दहेज और मारपीट मामले में साक्ष्यों के अभाव में मां-बेटी बरीं
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। साक्ष्यों के अभाव में अदालत ने दहेज व मारपीट मामले में मां-बेटी को बरी कर दिया है। दो जुलाई 2016 को शिवराम निवासी गांव खेलन ने पुलिस को शिकायत दी थी कि करीब 18 साल पूर्व उसकी बेटी की शादी गांव टोबा निवासी रविंद्र शर्मा के साथ हुई हुई थी। कुछ समय उपरांत उसके ससुराल वाले उसे दहेज के लिए परेशान लगे और मारपीट भी की जाती। शिवराम ने बताया था कि पति व ससुराल वालों की रोज-रोज की मारपीट से परेशान होकर उसकी बेटी ने फंदा लगाकर जान दे दी। पुलिस ने आरोपी पति रविंद्र, सास सरोज बाला, ननद उषा, देवर रामकरण व ससुर तेजपाल के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं कुछ समय उपरांत बेल पर रिहा हुए तेजपाल की मौत हो गई जबकि सास व ननंद का चालान किया गया, तो वहीं आरोपी पति व देवर को मामले से डिस्चार्ज कर दिया गया। पीड़ित पक्ष की ओर से अधिवक्ता सुनील आनंद व शैलेंद्र शैली आरोपी पक्ष की ओर से कोर्ट में अपनी दलीलें पेश की। मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत में करीब 14 गवाह पेश किए गए, जबकि शिकायतकर्ता की ओर से 2 गवाह पेश हुए। गवाहों के विरोधाभास व साक्ष्यों के अभाव में अदालत ने सास सरोज बाला व ननद उषा को बरी कर दिया।