एस्मा के बावजूद बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मी हड़ताल पर, गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन हरियाणा के आह्वान पर शुक्रवार को भी कर्मचारियों ने सीएमओ कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखी। अध्यक्षता राज्य प्रधान पाल कौर व मंच संचालन राजेश कुमार ने किया। राज्य उपप्रधान प्रमोद बाला ने कहा कि एस्मा लगने से जहां कर्मचारियों में रोष व्याप्त है, वहीं इससे कर्मचारियों की एकता को और अधिक बल मिला है। इसी के विरोध स्वरूप सीएम मनोहर लाल का पुतला फूंका गया। वहीं जिला प्रधान कांता रानी ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों को नहीं मान लेती तब तक यह हड़ताल जारी रहेगी। इस समय जिले में हड़ताल पर बैठे बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्यकर्मचारियों में 104 कच्चे, 67 कर्मचारी पक्के हैं। 24 लेडी हाउस विसिटर हैं और 33 एमपीएसडब्ल्यू पक्के हैं। वहीं शुक्रवार को भी करीब 50 की संख्या में कर्मचारी सीएमओ कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे रहे।
अर्थी निकाल पुतले को जूतों से पीटा
बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखते हुए शुक्रवार को शहर स्थित पुराने सिविल अस्पताल से रोष प्रदर्शन करते हुए जगाधरी गेट से आर्य चौक और वहां से पॉलीटेक्निक चौक तक सीएम का पुतला बना उसकी अर्थी निकाली और पॉलीटेक्निक चौक पर सीएम के पुतले का दहन किया। सीएम के पुतले को दहन से पूर्व बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारियों ने पुतले को जूतों-चप्पलों से पीटा और इसके बाद पुतले को दहन करते ही दोबारा जूते-चप्पलों से पीटकर नाचते-गाते सीएम के खिलाफ नारे लगाए।
गांवों में बच्चे और गर्भवती महिलाएं दवाई और टीकों से वंचित
बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल का शहर व छावनी सिविल अस्पताल में ज्यादा असर नहीं हुआ है। हड़ताल का गांवों में कुछ हद तक असर हो रहा है, क्योंकि गांवों में सभी 104 हेल्थ सब सेंटरों पर प्रत्येक बुधवार और शनिवार को लगने वाले सेशन में बच्चों का टीकाकरण रुक गया है। वहीं गर्भवती महिलाएं दवाई व टीकों से वंचित हो गए हैं। स्कूली बच्चों को दी जाने वाली आयरन व फोलिक एसिड तथा एल्बेंडाजोल की गोलियों का अभियान रुक गया है। जन्म-मृत्यु का रजिस्ट्रेशन 21 दिन के अंदर जरूरी है, वो सेवा भी थम गई है। वहीं टीबी अस्पताल में इसका ज्यादा प्रभाव नहीं हुआ, क्योंकि वहां बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारियों की जगह आशा वर्कर्स मरीजों को दवा दे रही हैं।
बॉक्स
सरकार वादा पूरा करती तो हड़ताल न होती
शुक्रवार को आशा वर्कर्स की जिला प्रधान अंजू वर्मा ने हड़ताल का समर्थन दिया। इसके अलावा सर्व कर्मचारी संघ के राज्य नेता इंद्र सिंह बधाना, महावीर पाई, बिजली निगम से धर्मपाल ने भी इस दौरान संबोधित किया। शुक्रवार को हड़ताल में एसकेएस के प्रदेश प्रेस प्रवक्ता इंद्र सिंह बधाना, जिला प्रधान रामकुमार, विक्रम जीत सिंह, सुनील, विवेक, राजेश व अन्य भी मौजूद रहे। वहीं राज्य उपप्रधान प्रमोद बाला ने कहा कि यूनियन अपनी मांगों को लेकर पहले भी कई बार मंत्रियों से गुहार लगा चुकी है लेकिन अभी तक कोई कारवाई नहीं हुई है। सरकार कर्मियों के आंदोलन का दमन करने के लिए एस्मा लगा रही है लेकिन सरकार यह भी सोचे कि कर्मचारी आंदोलन क्यों की रहे हैं। यदि सरकार अपने किए वायदे को पूरा करते हुए अधिसूचना जारी कर देती तो हमें आंदोलन नहीं करना पड़ता।
वर्जन
गत दिवस एस्मा लागू कर दिया गया था। कर्मचारियों की लड़ाई सरकार से है। हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों पर एस्मा लगने के बावजूद मेरे कार्यालय के बाहर बैठकर नारेबाजी करने को लेकर इन कर्मचारियों का माइक बंद करवा दिया गया है और पुलिस अधीक्षक अंबाला को इस बाबत पत्र लिखा गया है।
- अशोक कुमार, सीएमओ, अंबाला।