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- सड़क सुरक्षा पर प्रशासन की माथापच्ची के बाद -

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ओवरलोड वाहनों की चेकिंग, लगेंगे पांच नाके, हाइवे के कटों का होगा सर्वे
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। सर्दियों का आधी सीजन बीतने के बाद भी प्रशासन रोड सेफ्टी के मामले में चार कदम भी नहीं चल पाया है। हालांकि दावा किया जा रहा है कि ओवरलोडिंग पर जहां जिला में पांच जगहों पर नाके लगाकर ऐसे वाहनों पर शिकंजा कसा जाएगा, वहीं जनता सवाल उठा रही है कि रोड सेफ्टी को लेकर आखिर अन्य व्यवस्थाएं देने में कितना समय लगेगा। पुलिस के भी अपने दावे हैं, जबकि आरटीए विभाग भी अपने दावे कर रहा है। लेकिन इन सभी कमियों का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
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यह हैं अब प्रशासन के निर्देश
- अधिकारी सड़क सुरक्षा मानदंडों के साथ-साथ यातायात नियमों की दृढ़ता से पालना सुनिश्चित करवाएं
- सडक़ दुर्घटनाएं रोकने के लिए निर्धारित सड़क मानदंडों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करवाएं
- सर्दी के समय धुंध से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के संबंध में रिफलेक्टर लगवाने, सडक़ पर सफेद पट्टी, जैबरा क्रासिंग आदि बनाए जाएं
- जहां सड़क के बीचों बीच कोई पेड़ है, उसे तुरंत वहां से हटवाया जाए
- स्कूली बच्चों को ले जाने वाले वाहनों पर विशेष नजर रखी जाए और चैक किया जाए
- रात के समय तथा धुंध के मौसम में पर्याप्त दूरी से नजर आने के लिए पुलों, पुलियों, सडक़ों के मोड इत्यादि पर आवश्यक चिन्ह व रंग लगवाएं
- पुलिस अधिकारी सुनिश्चित करें कि सभी वाहनों पर रिफलेक्टर लगें हों ताकि धुंध के समय वाहन पर्याप्त दूरी से नजर आ सकें
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यह है स्थिति
अंबाला-जगाधरी हाइवे की बात करें, तो यहां पर कईं छोटे बड़े कट हैं, जिन पर चौक चौराहे बनाए गए हैं। कुछ तो लोगों ने अपनी सुविधा के लिए खोले हैं। इसी तरह अंबाला-दिल्ली हाइवे, अंबाला-जगाधरी मार्ग पर कईं जगहों से सफेद पट्टी गायब है, जबकि इन मार्गों से लिंक रोड पर भी ट्रेफिक सिगनल आदि को लेकर कोई व्यवस्था नहीं हैं। खासकर ओवरब्रिज के नीचे से दिए गए रास्ते काफी खतरनाक बने हुए हैं, जहां पर हादसों का खतरा रहता है।
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स्कूली वाहनों की हर साल चेकिंग हालत बदतर
स्कूली वाहनों को प्रशासन ने चैक करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन हर बार होने वाली चेकिंग के बावजूद अभी तक हालात जस के तस हैं। स्कूल बसें नियमों पर खरी नहीं उतरती। 6री ओर प्राइवेट वाहन, खासकर आटो चालक, स्कूली बच्चों को ठूंस ठूंसकर ले जा रहे हैं, जबकि इस पर अभी तक कोई शिकंजा नहीं कसा जा सका है। उल्लेखनीय है कि करीब पांच साल पहले साहा में हुए हादसे में करीब पंद्रह बच्चों की मौत हुई थी, लेकिन उसके बाद से अब तक स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं हो पाया है।
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ट्रैफिक लाइट बंद, कैसे सुधरेंगे हालात
अंबाला कैंट व सिटी में लगी ट्रैफिक लाइट बंद पड़ी हैं। सालों से बंद पड़ी इन ट्रैफिक लाइट को सुधारने के लिए अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। ट्रैफिक पुलिस की मानें, तो नगर निगम इन लाइट को देखता है। इसी को शुरू करने के लिए कई बार नगर निगम को पत्र भेजे गए हैं, जबकि मौखिक तौर पर भी कहा गया है। लेकिन अभी तक इन लाइट को दुरुस्त करने की ओर कोई कदम नहीं उठाया जा सका है।
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ओवरलोड वाहनों से भारी खतरा, कोई सबक नहीं
- खनन सामग्री ले जा रहे टिप्परों को रायल्टी कंपनी के कारिंदे अचानक आगे आकर रोकते हैं
अमर उजाला ब्यूरो
शहजादपुर। खनन सामग्री से भरे ओवरलोड वाहन जहां पहले ही खतरा बने हुए हैं, वहीं अब रायल्टी कंपनी वाले इन वाहनों को अचानक रोकते हैं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ रहा है। इसी कारण से अन्य वाहन चालक खासे परेशान हैं, जबकि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। यह सब एनएन 72 शहजादपुर-अंबाला रोड पर रोजाना देखा जा सकता है।

एनएच पर अचानक से गाड़ी को रुकवाया जा रहा है जिस कारण कोई भी बड़ी घटना हो सकती है और रोड़ पर ट्रैफिक जाम हो जाती है। रायल्टी कंपनी के कारिंदे यह सब कर रहे हैं, जबकि न तो पुलिस ध्यान दे रही है और न ही प्रशासन। ऐसे लोगों पर पुलिस सख्त कार्रवाई करे, ताकि हादसा न हो।
- अमरीक सिंह रज्जूमाजरा, किसान

अक्सर देखा जाता है कि रॉयलटी वाले अचानक से टिप्पर को रोकने के लिए आगे आ जाते है जिस कारण कोई भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। आखिर जनता को क्यों परेशान किया जा रहा है। अगर इनकी वजह से कोई बड़ी दुर्घटना हो गई तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। प्रशासन को चाहिए कि इन पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
- अमित वालिया, नगरपालिका पूर्व चेयरमैन
क्षेत्र में शुगर मिल है, जबकि मिल में गन्ना लेकर जाते हैं। कईं बार टिप्पर आदि अचानक बे्रक लगाते हैं, जिससे ट्रैक्टर ट्राली रोकने को बे्रक लगानी पड़ती है। ऐसे में हादसा हो सकता है। यदि रायल्टी कंपनी काम करती है, तो इस तरह से करे ताकि अन्य को परेशानी न हो।
- सुखदेव सिंह, किसान, शहजादपुर
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ओवरलोडडे वाहनों पर शिकंजा कसने के लिए जिला में पांच जगहों पर नाके लगाए जाएंगे, जिसकी तैयारियंा चल रही हैं। दो नाके अंबाला-दिल्ली हाइवे पर लगाए जाएंगे, जबकि तीन नाके शहजादपुर, नारायणगढ़ क्षेत्र में। इसके अलावा स्कूली वाहनों की चेकिंग भी तेज की जाएगी।
- आरके सिंह, आरटीए अंबाला
ट्रैफिक लाइट को लेकर नगर निगम को पत्र भी लिखे गए हैं, लेकिन कोई नहीं सुनता। रही बात हाइवे पर अवैध रोड कट की, तो इसके लिए सर्वे करके अवैध कट बंद करवाए जाएंगे। रोड सेफ्टी को लेकर प्वाइंट तय किए गए हैं, जिन पर अन्य विभागों की मदद से जल्द ही व्यवस्थांए दी जाएगीं।
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- सोमेश कुमार, एसएचओ ट्रेफिक
सर्दियों व धुंध भरे दिनों को देखते हुए रोड सेफ्टी को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कहा गया है कि इस मामले में कोताही न बरती जाए। कुछ प्वाइंट्स तय किए गए हैं, जिन पर जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
- शरणदीप कौर बराड़ा, डीसी अंबाला
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