फोटो नंबर :: 10
राखी पर चढ़ेगा भारतीय परंपराओं का रंग, सजे बाजार
- जयपुरी, राजस्थानी के साथ साथ डायमंड व चांदी की राखी का है क्रेज
- 5 रुपये से लेकर पांच हजार रुपये तक कीमत की राखियां हैं बाजार में
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। इस बार राखी का त्योहार कुछ अलग रंग लिए दिखाई देगा। बाजार इस बार पारंपरिक रक्षा सूत्र के रंग में रंगा दिख रहा है, वहीं राखी के त्योहार की तैयारियां तेज हो चुकी हैं। बाजार में पांच रुपये से लेकर पांच हजार रुपये कीमत की राखियां मौजूद हैं, जबकि खास है इस बार भारतीय बाजार ही मार्केट में अपने रंग में दिखेगा।
बाजारों में परंपराओं व भारत से संस्कृति से जुड़ी राखियों के साथ साथ डायमंड से लेकर सादे धागे से बनी राखियों की धूम मची हुई है। सभी बहनें अपने भाइयों की कलाई पर बांधने के लिए राखियां खरीदने में व्यस्त हैं। इसी को लेकर ट्विन सिटी के बाजार राखियों से गुलजार हो रहे हैं। दुकानों पर विभिन्न प्रकार की राखियां सजाई गई हैं और अभी से महिलाओं ने खरीददारी भी शुरू कर दी है। खास बात है कि इस त्योहार पर भारतीय बाजार ही मार्केट में अपनी पकड़ बना रहा है, जबकि परंपरागत राखियां खूब आकर्षित कर रही हैं। खास कर गुजराती व राजस्थानी रंग में रंगी राखियों का के्रज ज्या दिखाई दे रहा है। इतना ही नहीं बच्चों के लिए इस बार नई गैजेट्स व कार्टून वाली राखी बाजार में हैं।
डायमंड, सोने व चांदी की राखियों का है क्रेज
दुकानदार राहुल व सोनू ने बताया कि इस बार बहनें डायमंड, सोने व चांदी की राखियां लेने के लिए काफी उत्साहित नजर आ रही है। इसके साथ ही जयपुरी, अहमदाबादी व अन्य स्थानों व परंपराओं से संबंधित राखियां भी बहुत खरीदी जा रही है। वहीं बच्चों के लिए भी भारतीय बाजार में कई राखियां उतारी गईं हैं। बच्चों के लिए घड़ी, खेल, कार्टून, डोरेमोन, शिनचेन, भीम व अन्य लोकप्रिय कार्टूनों के चित्रों की बनी राखियां बच्चों को आकर्षित कर रही हैं। इसके साथ साथ मोतियों से बनी राखियां, मोर पंख से बनी रखियां, सीपल धागे की भी काफी ब्रिकी हो रही है।
5 से 5000 रुपये तक है राखियों की कीमत
राखियों की कीमत पांच से शुरू होकर 5000 रुपये तक है। इसमें सबसे महंगी राखी गोल्ड प्लेटेड राखी है, जबकि डायमंड राखी व चांदी से बनी राखी जिसकी कीमत 2000 रुपये तक है। दुकानदार ने बताया कि बहनें अत्यधिक 30, 50, 50, 100, 200 रुपये तक की राखियों को खरीदने में अपनी रुचि दिखा रही हैं।