कपड़ा बाजार में हड़ताल से करोड़ों की चपत
अंबाला सिटी।
जीटीएसटी के विरोध में लगातार दूसरे दिन होलसेल कपड़ा बाजार ठप रहा। सुबह से ही कारोबारी बाजार में टैंट लगाकर धरने पर बैठे और सरकार को कोसते रहे। अब व्यापारी इस मांग पर अड़े हैं कि जीएसटी वापस लिया जाए। जब तक इसे वापस नहीं लिया जाता तब तक वह विरोध प्रदर्शन पर करेंगे। अंबाला होलसेल कपड़ा मर्चेंट एसोसिएशन ने अनिश्चितकाल हड़ताल का आह्वान कर दिया है। लगातार दूसरे दिन हड़ताल से बाजार को करीब तीन करोड़ रुपये की चपत लगी है। बंद का असर कपड़ा मार्केट में काम करनेे वाले कर्मचारियों पर भी पड़ा है। कर्मचारी यूनियन का कहना है कि बंद होने की वजह से कर्मचारियों का वेतन काटा जा रहा है।
दूसरे दिन हड़ताल पर बैठे कपड़ा एसोसिएशन के प्रधान हरचरण सिंह भाटिया ने कहा कि अंबाला की कपड़ा मार्केट में कई प्रदेशों से लोग कपड़ा खरीदने आते हैं लेकिन जीएसटी की वजह से यहां का कपड़ा व्यापार बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। अब अंबाला के कपड़ा व्यापारी तब तक अपनी दुकानें नहीं खोलेंगे जब तक जीएसटी वापस नहीं हो जाता।
कपड़ा मार्केट बंद होने व जीएसटी लागू होने से कर्मचारियों पर भी इसका असर पड़ रहा है। कर्मचारी यूनियन के प्रधान चमन लाल का कहना है कि जीएसटी के कारण कर्मचारियों की छटनी हो रही है और दुकानें बंद होने से कर्मचारियों के पैसे भी काटे जा रहे हैं इसलिए वे भी जीएसटी का विरोध करते हैं।
कुछ मार्केट तीन दिन के लिए तो कुछ अनिश्चतकालीन के लिए बंद
जहां एक ओर जीएसटी के विरोध में देव समाज कालेज रोड व उसके आसपास की मार्केट पूरी तरह से बंद रही तो वहीं बस स्टैंड के सामने, अग्रसेन चौक, शुक्ल कुंड रोड के कपड़ा व्यापारियों ने अपनी दुकानें खोलीं और पूरा व्यापार किया। वहीं जहां होलसेल कपड़ा एसोसिएशन ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का एलान किया तो वहीं श्री गणेश मार्केट ने मात्र तीन दिन के लिए बंद का एलान किया है। दूसरी ओर हड़ताल के दूसरे दिन कुछ रिटेल कपड़ा की दुकानें खुली रही।