अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की ओर से आयोजित ग्रुप डी की परीक्षा में दूसरे दिन रविवार को भी परीक्षार्थियों को चेकिंग के कारण परेशानी झेलनी पड़ी। चेकिंग के दौरान महिलाओं के सिर पर लगे क्लीप, पैरों की चुटकी, वहीं पुरुषों के हाथों व गले में डाले हुए धागे तक उतरवा दिए। लेकिन, बैग रखने की व्यवस्था न होने से उन्हें परेशानी झेलनी पड़ी। परीक्षा केंद्रों में दूर-दूर से आए परीक्षार्थियों के बैग रखने की व्यवस्था नहीं की गई थी, जिसका फायदा परीक्षा केंद्रों के बाहर दुकानदारों ने उठाया। इस दौरान दुकानदारों ने परीक्षार्थियों के बैग की सुरक्षा के लिए 10 रुपये लिए, जिसके लिए दुकान के बाहर स्पेशल बोर्ड लगा रखा था। वहीं परीक्षार्थियों ने भी कोई ओर अन्य सुविधा न होने के कारण रुपये खर्च करके ही बैग की सुरक्षित तरीके से रखने का निर्णय लिया। वहीं, दूसरी ओर ऑटो चालकों ने भी परीक्षार्थियों से दोगुना किराया वसूला। परीक्षार्थियों ने बताया कि ऑटो चालक परीक्षार्थियों से 20 रुपये एक तरफ के ले रहे हैं, जबकि बाकी दिनों 10 से 15 रुपये सवारी के हिसाब से किराया वसूला जाता है। अंबाला जिले में परीक्षार्थियों की अधिक संख्या होने के अंबाला जगाधरी हाईवे, पॉलीटेक्निक चौक, अग्रसेन चौक, मानव चौक, क्वालिटी चौक के साथ साथ अन्य चौराहों पर जाम की स्थिति बनी रही थी।
दोनों सत्र के 51,056 विद्यार्थियों में से कुल 34042 विद्यार्थियों ने दी परीक्षा
दोनों सत्र के जिले में कुल 92 केंद्र बनाए गए थे। इसमें दोनों सत्र में कुल 51026 परीक्षार्थियों ने भाग लेना था। इस दौरान एक सत्र में कुल 25528 परीक्षार्थियों के लिए जगह रखी गई थी, लेकिन पहले सेशन में कुल 17039 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। दूसरे सत्र में कुल 17003 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। वहीं कुल मिलाकर 34042 परीक्षार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया।
पॉलीटेक्निक चौक पर एसएचओ ने स्वयं संभाला मोर्चा
पॉलीटेक्निक चौक पर ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए खुद एसएचओ बलविंद्र सिंह ने मोर्चा संभाला और वहां के व्यवस्था को दुरुस्त किया। लेकिन, अन्य स्थानों पर व्यवस्था काफी बिगड़ी रही। जहां पर पुलिस की व्यवस्था न होने के कारण काफी काफी समय तक जाम लगा रहा और वाहन चालकों ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए ट्रैपिक व्यवस्था को ठीक करवाया।
रेलवे स्टेशन पर लगी भीड़
बस स्टैंड के साथ-साथ रेलवे स्टेशन पर भी परीक्षार्थियों की भीड़ लगी रही। इस कारण कई परीक्षार्थियों को अपने घर जाने के कई-कई घंटों तक बसों व ट्रेनों को इंतजार करना पड़ा। वहीं बाद में बड़ी मुश्किल से वह अपने घरों तक पहुंचे।