अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। तीन मंजिला कृषि भवन के निर्माण कार्य का शिलान्यास शनिवार को जिला मुख्यालय पर विधायक असीम गोयल ने किया। इस दौरान लोगों के बीच चर्चा रही कि जिस कृषि भवन का निर्माण कार्य अब तक आधे से ज्यादा हो जाना चाहिए था, उसकी महज शुरुआत भर हुई है। अंबाला सिटी में मई 2016 में जनसभा के दौरान सीएम मनोहर लाल खट्टर शिक्षा सदन और कृषि भवन निर्माण की घोषणा कर गए थे। मगर, इस घोषणा के दो वर्ष बाद शनिवार को यह कार्य आरंभ हो सका है जबकि शिक्षा सदन का निर्माण कार्य अंतिम चरणों में है। एक साथ हुई इन घोषणाओं के बावजूद कृषि भवन निर्माण के प्रोजेक्ट को आखिरकार क्यों लटका दिया गया। क्या विभागीय कार्य प्रणाली इसके लिए जिम्मेदार है या फिर सीधे तौर पर सरकार द्वारा फंड अलाटमेंट निर्माण में देरी होने की असल वजह है।
मई 2016 में सीएम कर गए थे घोषणा
सिटी में मई 2016 में जनसभा के दौरान सीएम मनोहर लाल ने घोषणा की थी कि शिक्षा सदन और कृषि भवन का निर्माण जल्द अंबाला में किया जाएगा। शिक्षा सदन का निर्माण कार्य तो अक्तूबर 2017 में आरंभ कर दिया गया था जबकि कृषि भवन निर्माण योजना लेटलतीफी का शिकार हो गई। अब शनिवार निर्माण कार्य का शिलान्यास समारोह आरंभ किया गया है।
3.62 करोड़ से बनेगा कृषि भवन
विधायक असीम गोयल ने उप कृषि निदेश कार्यालय के नजदीक 3.62 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले कृषि भवन के निर्माण कार्य की आधारशिला रखी। उनके साथ कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. गिरीश नागपाल, जिला बागवानी अधिकारी डॉ. हवा सिंह, एसडीओ सूरजभान सिंह मौजूद रहे। कृषि भवन भवन तीन मंजिला होगा तथा इसमें सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। भवन 15 महीनों में बनकर तैयार होगा। विधायक गोयल बोले कि विधानसभा क्षेत्र में पिछले साढ़े तीन वर्षों में अभूतपूर्व विकास कार्य करवाए गए हैं। शहरों की भंाति गांवों को सुंदर एवं विकसित करने का काम किया जा रहा है। इस मौके पर एसडीओ बी एंड आर रितेश अग्रवाल, मंडल प्रधान मंदीप राणा, जिला सचिव रितेश गोयल, मार्केट कमेटी के चेयरमैन जनकराज शर्मा, अवतार सिंह, रिंकू भानौखेड़ी, हितेश जैन, सरला कपूर, दलजीत भाटिया, अमन सूद, संदीप सचदेवा आदि मौजूद रहे।
यह होगी कृषि भवन में सुविधा
डीडीए डा. गिरीश नागपाल ने बताया कि भवन निर्माण होने से किसानों को एक भवन के नीचे सभी सुविधाएं मिलेंगी। वर्तमान में तीन विभाग अलग-अलग हैं और किसानों को इधर-उधर कार्य के लिए जाना पड़ता है जबकि निर्माण पूरा होने से यह दिक्कत खत्म होगी।
इस वर्ष नवंबर तक बनकर तैयार हो जाएगा शिक्षा सदन
बता दें कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल की विकास घोषणा के तहत 8.23 करोड़ की लागत से बन रहे इस तीन मंजिला भवन का निर्माण कार्य जनवरी 2019 तक पूरा किया जाना है लेकिन कार्य की गति के अनुसार यह भवन नवंबर 2018 तक बनने का दावा किया जा रहा है। भवन का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद डीईओ, डीईईओ और डिप्टी डीईओ एक ही छत के नीचे विभाग की सेवाएं प्रदान करेंगे। जिले में शिक्षा अधिकारी का कार्यालय लंबे समय से पुराने भवन में चल रहा था। स्थान की कमी होने के कारण डीईईओ का कार्यालय अस्थायी तौर पर सेक्टर-9 के राजकीय विद्यालय परिसर में चलाया जा रहा था। शिक्षा सदन का भूतल 1167.75 वर्गमीटर क्षेत्र में तैयार किया जा रहा है और प्रथम तल पर भी इतने ही क्षेत्र पर निर्माण चल रहा है। द्वितीय मंजिल पर 1066.30 वर्गमीटर क्षेत्र में भवन का निर्माण होगा। प्रथम तल पर डीईओ कार्यालय, कंपयूटर रूम, मीटिंग हाल, रिटायरिंग रूम, स्टैनो रूम, डिप्टी डीईओ, अधीक्षक कक्ष, इलेक्ट्रिकल रूम, लेखा शाखा, रिकॉर्ड रूम, सामान्य शाखा, स्थापना शाखा, डायरी-डिस्पैच, चौकीदार कक्ष, महिला-पुरुष शौचालय, पैंट्री व लिफ्ट का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा अन्य सुविधाएं भी होंगी।
कोट्स
घोषणाएं बेशक एक दिन हुई थीं, मगर दोनों विभाग अलग-अलग हैं। हो सकता है कि कोई तकनीकी खामी के चलते निर्माण कार्य आरंभ करने में विलंब हुआ हो, मगर सरकार की मंशा हर कार्य को जल्द से जल्द पूरा कराने की है, ताकि सभी को इसका लाभ मिल सके।
-असीम गोयल, विधायक, अंबाला सिटी।