थैली वाले दूध की गुणवत्ता में शक, एफएसओ ने की सैंपलिंग
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट/बराड़ा। थैली में सप्लाई होने वाले दूध की क्वालिटी ठीक न होने की आशंका के चलते एफएसओ ने अपनी टीम के साथ जिलाभर में सैंपलिंग अभियान चलाया। इस दौरान सैंपल लिए गए, जिनकी लैब जांच करवाई जाएगी। दूसरी तरफ लोगों का भी कहना है कि दूध में गुणवत्ता की कमी है, जबकि घरों में सप्लाई किए जाने वाले दूध की भी सैंपलिंग होनी चाहिए।
फूड एंड सेफ्टी विभाग को लगातार सूचना मिल रही थी कि थैली में बिक रहे दूध की क्वालिटी ठीक नहीं है। इससे जहां लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है, वहीं यह लोग मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। इसी को लेकर विभाग की टीम ने बुधवार को सैंपलिंग की। इस दौरान एक नामी ब्रांड कंपनी के दूध के पैकेट के सैंपल लिए गए। जगह-जगह से सैंपल एकत्रित किए गए, जिन्हें जांच के लिए करनाल लैब भेजने की प्रक्रिया जारी है।
उधर, बराड़ा में लोगों का कहना है कि जो दूध सप्लाई किया जा रहा है, वह भी निम्न गुणवत्ता का है। इसे कुछ दूध बेचने वाले घरों तक सप्लाई कर रहे हैं। बराड़ा के रहने वालों में विजय लक्ष्मी, ममता, दीप, राजेश कुमार, शेर सिंह, विजय ने बताया कि दूध पर मलाई नहीं आती। वहीं इस दूध का पनीर नहीं बनता। बराड़ा पहले से ही नकली दूध व मिठाइयों के मामले में सुर्खियों में रहा है। लोगों ने घरों में सप्लाई किए जाने वाले दूध के सैंपल लिए जाने की मांग डीसी अंबाला से की है।
फूड सेफ्टी ऑफिसर सुभाष चंद्र ने कहा कि बुधवार को दूध के पैकेटों की सैंपलिंग की गई है। जांच के लिए सैंपल एकत्रीकरण कर करनाल लैब में भेजे जाएंगे। यदि सैंपल फेल होता हैं तो कार्रवाई होगी ।