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- मंत्री विज ने कहा रिपोर्ट पर किया जा रहा है विचार

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मेयर के कार्यकाल की कटौती पर सरकार और मेयर में बढ़ा टकराव..
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। शहरी निकाय विभाग द्वारा 11 राज्यों का अध्ययन करने के बाद सौंपी गई रिपोर्ट विपक्षियों के गले नहीं उतर रही है और वह इस मुद्दे पर सीधे सरकार से मुखालफत के मूड में हैं। अंबाला के मेयर रमेश मल ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है और कहा है कि जब से भाजपा सरकार बनी है वे निगमों के खिलाफ काम कर रही है।
रिपोर्ट आने के बाद मचा बवाल
नगर निगम के मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के कार्यकाल बारे केबिनेट मंत्री अनिल विज की अध्यक्षता वाली बनाई गई कमेटी ने विज को अपनी अध्ययन रिपोर्ट सौंप दी है जिसमे केबिनेट कमेटी ने 11 राज्यों के चुनावी सिस्टम का अध्ययन करने के बाद शहरी निकाय विभाग की सिफारिश पर मोहर लगने की संभावना है। रिपोर्ट की सिफारिशों के अनुसार इन उपरोक्त जनसेवकों का कार्यकाल 5 वर्ष से घटाकर अढ़ाई वर्ष किया जा सकता है। केबिनेट मंत्री अनिल विज ने इस रिपोर्ट पर कहा है कि रिपोर्ट आ गई है अभी इस पर मीटिंग नहीं हुई है। इसमें कई मेंबर्स है तो क्या फाइनल होगा उसके बाद ही पता लगेगा। वहीं विज ने इस बारे किसी भी मेयर से कोई सुझाव से इंकार किया है।
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मेयर को नहीं भा रही कटौती
वही दूसरी और अंबाला नगर निगम के मेयर रमेश मल ने कहा है कि जब से प्रदेश में भाजपा सरकार बनी है यह निगम के खिलाफ ही चल रही है । मेयर का आरोप है कि कांग्रेस द्वारा बनाये गए निगम में से एक निगम करनाल का है जिसमें भाजपा का ही मेयर है। बाकी जगहों पर कांग्रेस व इनेलो के मेयर है जिसे यह सरकार पचा नहीं पा रही है। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण फैसला है। रमेश मल ने कहा कि मेयर का कार्यकाल कम करने से वे एक साल में कुछ समझ नहीं पाएगा तो काम क्या होंगे। पांच साल से कम का कार्याकाल होना चाहिए। मेयर ने कहा यदि ऐसा हुआ तो सरकार को इसका खामियाजा भुगतना होगा।
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