राशन डिपो होल्डर ने एएफएसओ पर रिश्वत लेने व ब्लैकमेल करने का लगाया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
शहजादपुर। खंड शहजादपुर के गांव बिलासपुर के राशन डिपो होल्डर कृष्ण लाल पुत्र बलजीत सिंह ने एएफएसओ राजीव शर्मा पर रिश्वत लेने व ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। कृष्ण लाल ने यह शपथ पत्र श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री नायब सिंह सैनी को देकर उक्त एएफएसओ के विरुद्ध कारवाई करने का अनुरोध किया है।
राज्यमंत्री ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के डीएफएससी निशांत राठी को इस शिकायत पर जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। दूसरी ओर डीएफएससी निशांत राठी ने बताया कि एएफएसओ राजीव शर्मा के विरुद्ध जो शिकायत प्राप्त हुई है उसे मुख्यालय को भेजकर नियमानुसार कार्रवाई के लिए लिखेंगे। चेक करने पर पाया कि डिपो होल्डर कृष्ण लाल के पास जो बीपीएल के कार्ड हैं उनमें से 10 कार्ड किसी दूसरी मशीन में चले गए हैं जोकि वापस डलवाए जाएंगे। इस कारण उसके पास सरसों का तेल कम आया। उन्होंने कहा कि एएफएसओ राजीव की कोर्ट में सुनवाई थी और उसे शाम चार बजे उन्होंने जांच के लिए नारायणगढ रेस्ट हाउस में बुलाया था। वे तो पहुंच गए लेकिन एएफएसओ नहीं आया और उसने मंत्री को सीधे कॉल की। इसके लिए भी उससे जवाब मांगा जाएगा।
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100 के बजाय 80 बोतल सरसों का तेल आया
बिलासपुर के राशन डिपो होल्डर कृष्ण लाल ने शपथ पत्र के माध्यम से दी गई शिकायत में कहा कि उसका गांव बिलासपुर में राशन डिपो है और 20 जून को जो सप्लाई आई थी उसमें 100 बोतल सरसों के तेल की आने के बजाय 80 बोतल तेल आया। इसकी सूचना उसने खाद्य एवं पूर्ति निरीक्षक अनिल बत्रा को देकर अवगत करवा दिया था और उन्होंने कहा कि आपका तेल कहीं ओर से एडजेस्ट करवा देंगे। इसी दौरान एएफएसओ राजीव शर्मा मेरे गांव में आकर, लोगों से बयान लिए और उन लोगों ने मेरे खिलाफ बयान दिए कि इस महीने एक बोतल तेल की मिली है। मैं इस बारे में पहले ही अपने अधिकारी को अवगत करवा चुका था कि मेरे पास सरसों का तेल कम आया है। वह बीस बोतल कम आई थीं।
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एएफएसओ ने दस रुपये मांगे
अपने शपथ पत्र में डिपो होल्डर कृष्ण लाल ने आरोप लगाया कि उक्त एएफएसओ ने उसे शहजादपुर कार्यालय में 27 जुलाई 2018 को बुलाकर दस हजार रुपये की मांग की और सभी डिपो वालों से एक हजार प्रति डिपो होल्डर से लेने को कहा तथा वह पैसे इकट्ठा करके जोकि चालीस हजार रुपये प्रति महीने बनते हैं, वह मुझे देने होंगे। मेरी जेब में उस वक्त तीन हजार रुपये थे वह उन्होंने मुझसे ले लिए। बाद में एएफएसओ ने सात हजार रुपये और डिमांड की और पैसे इकट्ठे करके देने को कहा। मेरे द्वारा मना करने पर एएफएसओ ने मेरी शिकायत डीएसएसई अंबाला को करने की बात कही और मेरे डिपो की शिकायत डीएफएससी को कर दी।