अंबाला कैंट। नागरिक मंच के अध्यक्ष ओंकार नाथी ने कहा कि गत दिनों सिंचाई ने टांगरी नदी के रकबे में जारी की गई गलत अधिसूचना का असर हजारों लोगों पर पड़ रहा है। गलत अधिसूचना जारी होने से कई कॉलोनियों के लोगों की जमीनी खरीद-फरोख्त रुक गई है। उन्होंने मांग उठाई की सरकार जल्द से जल्द इस अधिसूचना को रद्द करके दोबारा सटीक आंकलन कर नई अधिसूचना जारी करे जिससे लोगों को राहत मिल सके।
गलत अधिसूचना का असर क्षेत्र के दयाल बाग, वशिष्ठ नगर, लक्की नगर, रामपुर-सरसेहड़ी, प्रभु प्रेम इत्यादि कॉलोनियों में पड़ा है। यहां पर रहने वाले लोगों की जमीनों के रकबे अधिसूचना में आ गए हैं जिससे बीते करीब दो माह से यहां पर जमीन की खरीद-फिरोख्त पर प्रतिबंध लग चुका है। तहसील आफिस में अब जब तक सरकार से प्रतिबंध हटाने संबंधी नए आदेश नहीं आते तब तक इलाकों में जमीनी खरीद-फरोख्त पर पाबंदी रहेगी। बता दें कि सिंचाई विभाग द्वारा नदी तल में भविष्य में किसी भी निर्माण पर पाबंदी लगाने के लिए अधिसूचना जारी की गई थी, मगर विभागीय गलती सामने आई थी जिसमें अधिसूचना में नदी के आसपास बसी कालोनियां भी शामिल हो गई थी। इस मामले की शिकायत मंत्री अनिल विज के समक्ष की गई थी जिसके बाद उन्होंने अधिसूचना को रद्द करने के आदेश सिंचाई विभाग को दिए थे। मगर विभाग द्वारा अभी तक इस अधिसूचना को रद्द नहीं किया गया है जिस वजह से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।