हरियाणा पुलिस पर हमेशा मामला न दर्ज करने के आरोप लगते आए हैं और यह आरोप विज के जनता दरबार में आए लोगों ने साबित भी किए हैं। शनिवार को भी जितने मामले गृह मंत्री के समक्ष आए थे, उनमें से अधिकांश मामले पुलिस की कार्यप्रणाली के खिलाफ थे।
इसमें पीड़ित लोगों का कहना था कि शिकायत के बाद भी मामला दर्ज नहीं हुआ। कुछ का कहना था कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया तो कुछ का कहना था कि पुलिस ने जानबूझकर केस को उलझा दिया और शिकायतकर्ता पर ही उल्टा केस कर दिया।
महेशनगर थाना: यमुनानगर निवासी भगोड़ा घोषित
ज्यूूडिशियल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनिता रानी के आदेश के बाद यमुनानगर निवासी अशोक संधु को भगोड़ा घोषित किया गया है। अशोक संधु महेशनगर निवासी महिला की शिकायत पर 2017 में दर्ज एक मामले में आरोपी था। आरोपी को कोर्ट में पेश होना था लेकिन वह 11 जून तक कोर्ट में पेश नहीं हुआ। इसके बाद उसे भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया की गई।
प्रगति विहार निवासी भगोड़ा घोषित
कोर्ट के आदेश के बाद प्रगति विहार निवासी कमल कुमार को भगोड़ा घोषित किय गया है। कोर्ट में 2017 से यह मामला चल रहा है। इसमें संतोष की शिकायत पर कमल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था और 17 अगस्त को उसे भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी।
कैंट थाने से संबंधित एक मामले में पुल चमेली निवासी राहुल को भगोड़ा घोषित किया गया है। राहुल के खिलाफ 21 मार्च 2017 को मामला दर्ज किया गया था। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास शेर सिंह की कोर्ट में यह मामला चल रहा था। कोर्ट ने आदेश दिए थे कि आरोपी 14 सितंबर 2017 तक पेश नहीं हुआ। इसलिए इसे भगोड़ा घोषित किया जाए।
डिफेंस कॉलोनी निवासी भगोड़ा घोषित
डिफेंस कॉलोनी निवासी परविंदर कुमार को कोर्ट के आदेश के बाद भगोड़ा घोषित किया गया। डिफेंस कॉलोनी निवासी साहिल राणा की शिकायत पर परविंदर कुमार के खिलाफ मामला दर्जकर कार्रवाई चल रही थी। वह 30 अगस्त 2019 से गायब था और बार-बार सूचना देने के बाद भी कोर्ट में पेश नहीं हो रहा था।
पड़ाव थाना: नन्हेड़ा निवासी भगोड़ा घोषित
कोर्ट के आदेश के बाद नन्हेड़ा निवासी रंजीत सिंह को भगोड़ा घोषित किया गया है। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास शेर सिंह के आदेेश पर यह कार्रवाई की गई है। महिला की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया था, लेकिन वह 15 जुलाई 2017 से गायब चल रहा था।
चंद्रपुरी निवासी भगोड़ा घोषित
ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास शेर सिंह के आदेेश के बाद चंद्रपुरी निवासी को भगोड़ा घोषित किया गया और कोर्ट के आदेश के बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया। यह मामला एक कंपनी के साथ जुड़ा हुआ है। आरोपी 14 सितंबर 2017 के बाद दोबारा कोर्ट में पेश ही नहीं हुआ था।