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अंबालाः गृह मंत्री अनिल विज के क्षेत्र में एफआईआर का रिकॉर्ड, एक दिन में 101 मामले हुए दर्ज

Sun, 16 Feb 2020 12:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला ( हरियाणा)
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गृह मंत्री अनिल विज - फोटो : फाइल फोटो
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गृहमंत्री अनिल विज के गृह क्षेत्र छावनी में एक दिन में 101 एक जैसी धाराओं पर एफआईआर दर्ज हुई। इस तरह क्राइम का नया रिकॉर्ड अंबाला छावनी में दर्ज हो गया। जो 101 एफआईआर दर्ज हुई वह सभी भगौड़ों पर हुई हैं।

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इसके अलावा चोरी, गुमशुदा, ठगी इत्यादि के केस इन एफआईआर अलग हैं। दरअसल, छावनी क्षेत्र में हुई मारपीट, छीना-झपटी, लूट-खसोट सहित अन्य आपराधिक मामलों में पकड़े गए कैदी पैरोल लेने के बाद गायब हो गए।

महीनों बीत जाने और बार-बार समन भेजने के बाद भी कैदी वापस जेल नहीं पहुंचे और न ही कोर्ट के समक्ष पेश हुए तो उन्हें कोर्ट के आदेश पर भगोड़ा घोषित कर दिया गया। अलबत्ता छावनी के अलग-अलग 3 थानों में 1 ही दिन में लगभग 101 एफआईआर दर्ज की गई। यह सब कोर्ट के आदेशों के बाद पुलिस को मजबूरी में करना पड़ा। मामला दर्ज करने के बाद घोषित किए गए भगोड़ों की तलाश में पुलिस ने छापामारी शुरु कर दी है ताकि जल्द से जल्द उन्हें कोर्ट में पेश किया जाए।
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अलग-अलग थानों में दर्ज मामले
कैदी को भगोड़ा घोषित करने वाले 101 मामले छावनी के 3 थानों में दर्ज किए गए हैं। इसमें कैंट थाने में 66 एफआईआर, महेशनगर थाने में 14 एफआईआर और पड़ाव थाने में 21 एफआईआर शनिवार देर शाम तक दर्ज की गई।

पुलिस पर लगते हैं मामला न दर्ज करने के आरोप

हरियाणा पुलिस पर हमेशा मामला न दर्ज करने के आरोप लगते आए हैं और यह आरोप विज के जनता दरबार में आए लोगों ने साबित भी किए हैं। शनिवार को भी जितने मामले गृह मंत्री के समक्ष आए थे, उनमें से अधिकांश मामले पुलिस की कार्यप्रणाली के खिलाफ थे।
 
इसमें पीड़ित लोगों का कहना था कि शिकायत के बाद भी मामला दर्ज नहीं हुआ। कुछ का कहना था कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया तो कुछ का कहना था कि पुलिस ने जानबूझकर केस को उलझा दिया और शिकायतकर्ता पर ही उल्टा केस कर दिया।

महेशनगर थाना: यमुनानगर निवासी भगोड़ा घोषित
ज्यूूडिशियल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनिता रानी के आदेश के बाद यमुनानगर निवासी अशोक संधु को भगोड़ा घोषित किया गया है। अशोक संधु महेशनगर निवासी महिला की शिकायत पर 2017 में दर्ज एक मामले में आरोपी था। आरोपी को कोर्ट में पेश होना था लेकिन वह 11 जून तक कोर्ट में पेश नहीं हुआ। इसके बाद उसे भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया की गई।

प्रगति विहार निवासी भगोड़ा घोषित
कोर्ट के आदेश के बाद प्रगति विहार निवासी कमल कुमार को भगोड़ा घोषित किय गया है। कोर्ट में 2017 से यह मामला चल रहा है। इसमें संतोष की शिकायत पर कमल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था और 17 अगस्त को उसे भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी।
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कैंट थाना: पुल चमेेली निवासी भगोड़ा घोषित

कैंट थाने से संबंधित एक मामले में पुल चमेली निवासी राहुल को भगोड़ा घोषित किया गया है। राहुल के खिलाफ 21 मार्च 2017 को मामला दर्ज किया गया था। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास शेर सिंह की कोर्ट में यह मामला चल रहा था। कोर्ट ने आदेश दिए थे कि आरोपी 14 सितंबर 2017 तक पेश नहीं हुआ। इसलिए इसे भगोड़ा घोषित किया जाए।

डिफेंस कॉलोनी निवासी भगोड़ा घोषित
डिफेंस कॉलोनी निवासी परविंदर कुमार को कोर्ट के आदेश के बाद भगोड़ा घोषित किया गया। डिफेंस कॉलोनी निवासी साहिल राणा की शिकायत पर परविंदर कुमार के खिलाफ मामला दर्जकर कार्रवाई चल रही थी। वह 30 अगस्त 2019 से गायब था और बार-बार सूचना देने के बाद भी कोर्ट में पेश नहीं हो रहा था।

पड़ाव थाना: नन्हेड़ा निवासी भगोड़ा घोषित
कोर्ट के आदेश के बाद नन्हेड़ा निवासी रंजीत सिंह को भगोड़ा घोषित किया गया है। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास शेर सिंह के आदेेश पर यह कार्रवाई की गई है। महिला की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया था, लेकिन वह 15 जुलाई 2017 से गायब चल रहा था।

चंद्रपुरी निवासी भगोड़ा घोषित
ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास शेर सिंह के आदेेश के बाद चंद्रपुरी निवासी को भगोड़ा घोषित किया गया और कोर्ट के आदेश के बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया। यह मामला एक कंपनी के साथ जुड़ा हुआ है। आरोपी 14 सितंबर 2017 के बाद दोबारा कोर्ट में पेश ही नहीं हुआ था।
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