हरियाणा के पलवल जिले में चार साल की छोटी सी बच्ची तन्नू ने जिंदगी की जंग जीत ली है।
करीब 10 घंटे तक बोरवेल में फंसी रही बच्ची को रात करीब 2 बजे बोरवेल से निकाल लिया गया।
बच्ची पूरी तरह से सुरक्षित है और उसे बोरवेल से निकालने के बाद तुरंत एंबुलंस से अस्पताल ले जाया गया।
बच्ची को निकालने के लिए जिला प्रशासन ने सेना बुलाई थी, जिसके बाद बच्ची को निकाला गया।
जानकारी के अनुसार, गांव बलई में सत्तन के दो बेटों नरेश और ओमप्रकाश की शादी 13 मई को थी।
शादी समारोह में शामिल होने के लिए सत्तन के भाई पप्पू की बेटी सीमा भी अपने छह साल के बेटे गौरव और तन्नू उर्फ बिपासा के साथ अपने मायके आई हुई थी।
बुधवार शाम करीब चार बजे तन्नू घर के बाहर नौहरे (जहां पशु बांधे जाते हैं) में खेल रही थी। खेलते समय तन्नू बोरवेल के नजदीक पहुंच गई और वह गड्ढे में जा गिरी। बताया गया है कि 25 फुट गहना बोरवेल कुछ समय पहले ही खराब हो गया था।
बोरवेल में बच्ची के गिर जाने की सूचना जैसे ही घरवालों को मिली उन्होंने अपनी तरफ से उसे बचाने का प्रयास किया। बच्ची को निकालने के लिए एक बच्चे को रस्सी से बांधकर बोरवेल में उतारा गया।
लेकिन वह बच्चा भी बीच में फंस गया तो उसे वापस खींच लिया गया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही एसपी जगत सिंह हुड्डा, एसडीएम पलवल मनीषा शर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. मनीष नागपाल, तहसीलदार एमआई खान मौके पर पहुंच गए। उनके साथ डॉक्टरों की टीम, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड की गाड़ी और जेसीबी मशीन भी पहुंच गई।
मौके पर पहुंचते ही डॉक्टरों की टीम ने लाइट जलाकर बच्ची के कितनी गहराई में फंसी है इसका आकलन किया गया। अनुमान लगाने के तुरंत बाद नली से आक्सीजन छोड़ी गई।
जेसीबी मशीन से बोरवेल के पास खुदाई शुरू करा दी गई। इसके बाद सेना की मदद से बच्ची को निकाला गया।