सूरत के पांडेसरा तहसील में ढाई साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या करने के आरोपी को गुजरात के एक कोर्ट ने दोषी करार दिया है। कोर्ट ने इस मामले में मंगलवार को सुनवाई करते हुए दोषी को मौत की सजा सुनाई है। कोर्ट की ओर से यह सजा मात्र 28 दिन के अंदर सुनाई गई है। मामले में सात दिन के अंदर कोर्ट में चार्टशीट दाखिल की गई थी। पुलिस की ओर से इस मामले में 246 पेज की चार्टशीट कोर्ट में पेश की गई थी।
त्वरित सुनवाई के लिए पांडेसरा पुलिस ने आठ नवंबर को मजदूर को गिरफ्तार कर सात दिन के भीतर ही आरोपपत्र दाखिल कर दिया था। अदालत ने मामले में 43 गवाहों के बयान दर्ज किए और एक महीने के अंदर फैसला सुना दिया। अदालत ने सोमवार को आरोपी गुड्डू यादव को आईपीसी और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत अपहरण, बलात्कार और हत्या के विभिन्न आरोपों में दोषी ठहराया था। पॉक्सो अदालत के न्यायाधीश पीएस कला ने मंगलवार को मामले को ‘दुर्लभ से दुर्लभतम’ पाया और गुड्डू को मौत की सजा सुनाई। अदालत ने राज्य सरकार को बच्ची के परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश भी दिया।
आरोपी के वकील ने की नरमी की मांग
सुनवाई के अंतिम दिन, लोक अभियोजक नयन सुखाड़वाला ने दोषी के लिए मृत्युदंड की मांग की थी। वहीं, आरोपी के वकील ने नरमी की मांग की थी और कहा था कि मृत्युदंड से उसके मुवक्किल के बच्चों का भविष्य अनिश्चित हो सकता है। गुड्डू ने चार नवंबर की रात को बिहार के ही एक प्रवासी श्रमिक दंपति की ढाई साल की बेटी का अपहरण कर उसका यौन उत्पीड़न किया और फिर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। बच्ची का शव सात नवंबर को उसके घर से करीब एक किलोमीटर दूर एक फैक्टरी के पास से बरामद हुआ था। पुलिस ने आठ नवंबर को गुड्डू को गिरफ्तार किया था।