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गोरखपुर चिड़ियाघर : केंद्रीय टीम ने लिया बब्बर शेर भरत और पक्षियों समेत 50 सैंपल- 4 जानवरों की हो चुकी है मौत

Tue, 20 May 2025 12:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की ओर से बनाई गई चार सदस्यीय जांच कमेटी रविवार को ही आ गई थी। देर शाम होने की वजह से टीम चिड़ियाघर तो नहीं गई लेकिन अब हुई चारों जानवरों की मौत के बारे में जिम्मेदारों से सवाल-जवाब किए। सोमवार को टीम ने बाड़ों का निरीक्षण किया। टीम ने अपने आप को दो हिस्सों में बांट लिया था। पहली टीम में भोपाल और आईवीआरआई के लोग शामिल थे।
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चिड़ियाघर में सैंपल लेती टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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बर्ड फ्लू की दस्तक के बाद केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की ओर से गठित जांच टीम ने सोमवार को चिड़ियाघर में बाड़ों का निरीक्षण किया। टीम ने बब्बर शेर भरत और कई पक्षियों का सैंपल लिया। चिड़ियाघर परिसर और बाहर समेत टीम ने 50 सैंपल लिए। इन्हें जांच के लिए राष्ट्रीय राष्ट्रीय उच्च पशु संस्थान, भोपाल भेजा।

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इनमें कई पक्षियों के बीट के सैंपल भी शामिल हैं। इसके अलावा तालाब, जानवरों के पीने वाले पानी, नहाने वाले पानी का भी सैंपल टीम ने लिया है। कौओं की मौत वाली जगह पर जाकर निरीक्षण किया। साथ ही वन्यजीवों की मौत के बारे में चिकित्सकों से विस्तृत जानकारी ली।

केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की ओर से बनाई गई चार सदस्यीय जांच कमेटी रविवार को ही आ गई थी। देर शाम होने की वजह से टीम चिड़ियाघर तो नहीं गई लेकिन अब हुई चारों जानवरों की मौत के बारे में जिम्मेदारों से सवाल-जवाब किए। सोमवार को टीम ने बाड़ों का निरीक्षण किया।

टीम ने अपने आप को दो हिस्सों में बांट लिया था। पहली टीम में भोपाल और आईवीआरआई के लोग शामिल थे। जबकि, दूसरी टीम में दिल्ली और बरेली के लोग थे। भोपाल की टीम में शामिल सदस्यों ने चिड़ियाघर के बाहर के चारों इलाकों में पूरे दिन जानवरों के बीट का सैंपल इकट्ठा करते रहे।

इसमें तारामंडल का सटा इलाका भी शामिल रहा। इसके अलावा दूसरी टीम चिड़ियाघर के अंदर जानवरों और पानी का सैंपल ली। यहां तक रैंडम जांच में भरत के दो सैंपल लिए गए हैं। इसके अलावा हिरण और उसके बाड़े के आसपास के सैंपल भी टीम ने लिए हैं।

टीम मंगलवार को निरीक्षण के बाद इसी तर्ज पर कानपुर चिड़ियाघर पहुंचकर जांच करेगी। इसी तर्ज पर वहां भी सैंपल लिया जाएगा। टीम ने सबसे ज्यादा समय पक्षियों के बाड़े के पास बिताया। सदस्यों ने माना कि कहीं न कहीं कौए ही संक्रमण के कैरियर बन रहे हैं।

इस वजह से पक्षियों को लेकर विशेष सावधानी बरतनी होगी। बब्बर शेर भरत का टीम ने सैंपल लिया। मंगलवार को यह टीम दूसरे वन्यजीवों के स्वास्थ्य की जानकारी लेगी। बता दें कि जानवरों की मौत का संज्ञान लेते हुए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) दिल्ली ने चिकित्सकों की टीम गठित की है।

इसमें डिपार्टमेंट ऑफ एनिमल हसबेंडरी, दिल्ली के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. विजय कुमार तेवतिया, राष्ट्रीय उच्च पशु रोग संस्थान भोपाल से वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार, आईवीआरआई बरेली से वाइल्ड लाइफ हेड डॉ. एम पावड़े और सीनियर पैथोलॉजिस्ट डॉ. एम करिकलन शामिल हैं।

पक्षी बाड़े की विशेष निगरानी
चिड़ियाघर में कौओं से संक्रमण की आशंका को देखते हुए पक्षी बाड़े पर अतिरिक्त कर्मियों को तैनात किया गया है। यह कर्मी बाड़े के पास किसी दूसरे पक्षी को नहीं आने दे रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बर्ड फ्लू का सबसे ज्यादा खतरा पक्षियों और बीमार जानवरों को है।
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चार जानवरों की हो चुकी है मौत
चिड़ियाघर में एक माह के अंदर चार बड़े जानवरों की मौत हो चुकी है। 30 मार्च को पीलीभीत से रेस्क्यू कर लाए गए बाघ केसरी की मौत सबसे पहले हुई थी। इसके बाद पांच मई को मादा भेड़िया भैरवी, सात को बाघिन शक्ति और आठ मई को तेंदुआ मोना की मौत हुई थी। बाघिन शक्ति की मौत की वजह से बर्ड फ्लू बताई गई है। इसके बाद से ही पूरे प्रदेश में चिड़ियाघर बंद है।
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