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Gorakhpur News: पढ़ लिखकर समाज व देश के विकास में योगदान दें युवा

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- बच्चों की तालीम ओ तरबियत विषय पर दो मस्जिदों में आयोजित हुई संगोष्ठी
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अमर उजाला ब्यूरो

गोरखपुर। अल कलम एसोसिएशन के तत्वावधान में सुब्हानिया जामा मस्जिद तकिया कवलदह, फिरदौस जामा मस्जिद जमुनहिया बाग व गाजी रौजा में बुधवार को संगोष्ठी आयोजित की गई। ''''बच्चों की तालीम ओ तरबियत'''' विषय पर आयोजित इस संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि प्रसिद्ध इस्लामिक स्कॉलर व तहरीक उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मुफ्ती मुहम्मद खालिद अय्यूब मिस्बाही ने शिरकत की।
सुब्हानिया जामा मस्जिद में उन्होंने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद साहब से मजबूत रिश्ता बनाने के लिए उनके जीवन को जानना और शिक्षाओं पर अमल करना जरूरी है। अल्लाह की नेमत का शुक्रिया अदा करें। युवा खूब मेहनत से पढ़ें। परिवार, समाज व देश की सेवा करें। शिक्षा को प्राथमिकता दें। शिक्षा ही वह कुंजी है, जिससे वे अपनी क्षमताओं का बेहतर उपयोग कर सकती हैं। युवा अपने समुदायों में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं और देश के विकास में योगदान दे सकते हैं।
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फिरदौस जामा मस्जिद में मुफ्ती खालिद ने अवाम से कहा कि तालीम व्यक्ति को जीवन जीने का सलीका और स्वावलंबन सिखाती है, जबकि तरबियत उसके नैतिक और चारित्रिक गुणों का विकास करती है। गाजी रौजा में युवाओं से गुफ्तगू करते हुए मुफ्ती खालिद ने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद साहब के जीवन से सीखें और आपकी सुन्नत का पालन करें। जरूरतमंदों और गरीबों की मदद करें। हर इंसान के साथ ईमानदारी और सम्मान से पेश आएं।
संगोष्ठी में मौलाना जहांगीर अहमद अजीजी, नेहाल अहमद नक्शबंदी, आसिफ महमूद नक्शबंदी, मौलाना अनवर अहमद, हाफिज फैज अहमद, ताबिश सिद्दीकी आदि मौजूद रहे।
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