युवाओं का कहना है कि जब हम दूसरे शहर जाते हैं तो वह सुंदर और स्वच्छ दिखता है। तब हम भी सोचते हैं कि काश, हमारा शहर भी इतना साफ-सुथरा होता। सीएम सिटी के नाते शहर में काम तो हुआ पर और होना बाकी है। अपनी अपेक्षाओं को जाहिर करते हुए युवाओं ने कहा कि रोजगार और शिक्षा को प्राथमिकता देने वाला हो अगला मेयर।
बोले युवा
जब लखनऊ जैसे बड़े शहर में जाता हूं तो लगता है कि ऐसी साफ-सफाई, डोर टू डोर क्लीनिंग व्यवस्था हमारे शहर में क्यों नहीं मुकम्मल हो पा रही है। इसको लेकर एक बेहतर पहल की जरूरत है।
- विकास कुमार।
बरसात का मौसम आने वाला होता है। शहर की सड़कें खोदकर छोड़ दी जाती हैं। जलभराव होता है तो उससे जनता परेशान होती है। नालियों की सफाई होती है तो कचरा किनारे लगाकर छोड़ दिया जाता है।-
शत्रुघन यादव।
एक बेहतर दूरदर्शी नजरिए से काम करने की जरूरत है। काम तो कागजों में गिना दिया जाता है। लेकिन, हकीकत जनता को झेलनी पड़ती है। शिक्षित व रोजगार देने वाले प्रत्याशी को वोट करेंगे।
- मोहम्मद हसन।
शहर में युवाओं के लिए लाइब्रेरी होनी चाहिए। रोजगार और शिक्षा के क्षेत्र में काम होना चाहिए। मेयर और पार्षदों को युवाओं से संवाद करने की जरूरत है। जिससे उनके लिए भी योजनाएं बन सके।
- शशांक श्रीवास्तव।
सीएम शहर होने के नाते अपेक्षाएं और भी बढ़ जाती है। शहर के कई हिस्साें में जलभराव की समस्या अभी-भी बरकरार है। इससे निजात के लिए एक सटीक योजना की जरूरत है।
- सात्विक श्रीवास्तव।
शहर के चौराहों पर छुट्टा पशु घूमते रहते हैं। बैंक रोड़ पर अतिक्रमण रहता है। उनके छोटे-छोटे बच्चे अचानक सड़क पर दौड़ जाते हैं। इससे बड़ा हादसा हो सकता है।
- आदित्य सिंह।