खाद्य सामग्री वितरण के लिए ले जाते भारतीय युवक संघ के लोग।
- फोटो : अमर उजाला।
वही दूसरों की मदद कर सकता है, जो दर्द के एहसास को समझता है। बेहतरीन तोहफा है मदद कर देना और जिसकी भी करो तुम हद कर देना। किसी शायर की ये पंक्तियां शहर के भारतीय युवक संघ पर खूब फब्ती हैं।
लॉकडाउन की विषम परिस्थितियों में ये संगठन सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाकर जरूरतमंदों की सच्ची सेवा में लगा। लगातार 50 दिनों से युवाओं का ये संगठन शहर से लेकर देहात में रहने वाले करीब 15000 जरूरतमंद परिवारों को खाद्य सामग्री वितरित कर चुका है।
टाउनहाल स्थित आवास में रहने वाले भारतीय कुश्ती संघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और भारतीय युवक संघ के अध्यक्ष आदित्य प्रताप सिंह आगू ने बताया कि लॉकडाउन के पहले चरण के बाद से ही जरूरतमंदों की मदद के लिए कुछ करने की इच्छा मन में हुई।
लॉकडाउन के तीन चरणों में बांटी राहत सामग्री
भारतीय युवक संघ के अध्यक्ष आदित्य प्रताप सिंह आगू।
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बस फिर क्या था, संघ से जुड़े सदस्यों को नेक काम में जुड़ने के लिए प्रेरित किया। राशन वितरण की पूरी सामग्री परिवार की ओर से वहन की गई। उनकी पैकिंग से लेकर वितरण तक काम संगठन से जुड़े युवाओं ने किया। भीषण गर्मी, चिलचिलाती धूप और बरसात में भी ये सिलसिला जारी रहा।
खासकर ग्रामीण इलाके हमारे मेन फोकस में थे। इसी का नतीजा रहा कि खजनी, पिपरौली और उन्वल नगर पंचायत के तकरीबन 90 प्रतिशत ग्रामीणों तक राहत सामग्री पहुंचाई गई।
पहला चरण - 3500 परिवार, दूसरा चरण- 7000 परिवार, तीसरा चरण- 4500 परिवार
भारतीय युवक संघ के अध्यक्ष आदित्य प्रताप सिंह ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से रोजाना कमाने और खाने वाले लोगों को ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही थी। काम बंद होने की वजह से उन्हें भोजन नहीं मिल पा रहा था। ऐसे में जरूरतमंदों में खाद्य सामग्री वितरण करने का निश्चय किया गया। जो पूरे लॉकडाउन के दौरान जारी रहा है।