गोरखपुर। कैंट पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता से एक छात्र की जान बच गई। छह जुलाई की रात दाउदपुर चौराहे के पास मरणासन्न हालत में मिले छात्र को पुलिस ने समय रहते अस्पताल पहुंचाया। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में वेंटिलेटर नहीं मिलने पर पुलिस ने अपने स्तर से निजी अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज शुरू कराया।
खजनी क्षेत्र निवासी सोनू गोरखपुर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है। छह जुलाई की रात दाउदपुर में कुछ मनबढ़ों ने उस पर जानलेवा हमला कर दिया था। सिर में गंभीर चोट लगने से वह सड़क किनारे बेसुध पड़ा था। देर रात गश्त कर रही कैंट पुलिस की नजर छात्र पर पड़ी। पुलिसकर्मियों ने तत्काल उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से चिकित्सकों ने हालत गंभीर देखते हुए बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां तत्काल वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं होने पर पुलिस ने देरी किए बिना शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
छात्र का इलाज शुरू कराने के लिए कैंट पुलिस ने शुरुआती तौर पर 30 हजार रुपये जमा कराए। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन से बातचीत कर इलाज के खर्च में रियायत भी कराई गई। डॉक्टरों ने शुरुआती स्थिति में छात्र की हालत बेहद गंभीर बताई थी। सिर में लगी चोट के कारण उसकी जान को खतरा था लेकिन समय पर इलाज और सफल ऑपरेशन से उसकी हालत में सुधार हुआ। करीब तीन सप्ताह तक चले इलाज के बाद छात्र खतरे से बाहर आया। 29 जुलाई को अस्पताल से उसे छुट्टी दे दी गई। चिकित्सकों के अनुसार समय पर उपचार शुरू होने से छात्र की जान बच सकी।