हालांकि, छात्रा के समझाने पर दोनों वकील से मिलने के लिए सात सितंबर को दोबारा प्रयागराज आ गए। वकील से बात की गई, लेकिन कोई आश्वासन नहीं मिला। आरिफ बुरी तरह से टूट गया था। शाम को उसने छात्रा से फिर खुदकुशी की बात कही।
वह दुकान से जहर और इंजेक्शन ले आया और छात्रा के सोने के बाद उसने जहरीला इंजेक्शन लगाकर खुदकुशी कर ली। इंस्पेक्टर वीरेंद्र यादव ने बताया कि दोनों के घर वालों को बुलाया गया है। देर रात दोनों के घर वाले प्रयागराज पहुंच गए।
दोनों ने साथ में लिया था खुदकुशी का निर्णय
आरिफ और छात्रा बुधवार को प्रयागराज पहुंचे और हाईकोर्ट के सामने एक होटल में कमरा लिया। अपहरण की रिपोर्ट दर्ज होने और पैसे खत्म हो जान के कारण आरिफ अवसाद में चला गया था। वह बार बार कह रहा था कि ‘दुनिया हमे मिलने नहीं देगी लेकिन मौत एक कर देगी’। खुदकुशी ही एकमात्र रास्ता है, लेकिन रात में छात्रा ने उसे काफी समझाया बुझाया। कहा कि सुबह एक बार और वकील से बात की जाएगी। हो सकता है कि कोई रास्ता निकल आए। लेकिन आरिफ के मन में कुछ और ही था। छात्रा के सोने के बाद उसने जहरीला इंजेक्शन लगा लिया। सुबह जब छात्रा सोकर उठी तो आरिफ के मुंह से झाग निकल रहा था। उसकी मौत हो चुकी थी।