गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की शिकायतों के समाधान के लिए सिंगल विंडो ग्रीवेंस रिड्रेसल सिस्टम लागू किया गया है। कुलपति प्रो. केपी सिंह की पहल पर शुरू हुई इस व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को शिकायतों के निस्तारण के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। प्रत्येक शिकायत का केंद्रीकृत पंजीकरण किया जाएगा और उसे एक विशिष्ट पहचान संख्या (यूनिक कंप्लेंट नंबर) दी जाएगी। सामान्य शिकायतों के निस्तारण के लिए अधिकतम 15 कार्यदिवस का लक्ष्य तय किया गया है।
डॉ. प्रीति गुप्ता को इस व्यवस्था का नोडल अधिकारी बनाया गया है। नई प्रणाली के तहत प्रशासनिक भवन स्थित सूचना केंद्र और विद्यार्थी परामर्श केंद्र को एकीकृत किया गया है। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों को सूचना, परामर्श और शिकायतों के समाधान की सुविधा एक ही स्थान पर मिल सकेगी। शिकायत दर्ज कराने के लिए ई-मेल, व्हाट्सऐप, फोन कॉल और एसएमएस जैसे माध्यमों की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। व्यक्तिगत रूप से शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था केवल अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में होगी।
-
प्रवेश से एंटी रैगिंग तक 14 श्रेणियों में होगा निस्तारण
विश्वविद्यालय में शिकायतों को 14 प्रमुख श्रेणियों में बांटा गया है। इनमें प्रवेश, परीक्षा एवं परिणाम, शुल्क वापसी, छात्रवृत्ति, छात्रावास एवं मेस, शैक्षणिक मामले, शोध, आईटी एवं पोर्टल, पुस्तकालय, साफ-सफाई, महिला सुरक्षा, एससी-एसटी-ओबीसी-ईडब्ल्यूएस से जुड़े मामले, दिव्यांगजन संबंधी शिकायतें और एंटी रैगिंग शामिल हैं। इस वर्गीकरण से शिकायतों को संबंधित विभाग तक पहुंचाने और उनके निस्तारण की प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।
-
15 कार्यदिवस में समाधान का लक्ष्य, तय होगी जवाबदेही
शिकायतों के निस्तारण के लिए चरणबद्ध समयसीमा निर्धारित की गई है। शिकायत का पंजीकरण एक कार्यदिवस, प्रारंभिक परीक्षण दो कार्यदिवस और संबंधित विभाग या अनुभाग को शिकायत भेजने के लिए एक कार्यदिवस तय किया गया है। संबंधित विभागाध्यक्षों और अनुभाग अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई कर एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) प्रस्तुत करनी होगी। शिकायतों के निस्तारण की निगरानी कुलपति और कुलसचिव स्तर से भी की जाएगी। यदि कोई विद्यार्थी समाधान से संतुष्ट नहीं होता है तो वह सक्षम प्राधिकारी या समिति के समक्ष ऑनलाइन अपील कर सकेगा अथवा पुनर्विचार का अनुरोध कर सकेगा।
-
शुरुआती कठिनाइयों पर धैर्य रखने की अपील
कुलपति प्रो. केपी सिंह ने कहा कि सिंगल विंडो व्यवस्था से विद्यार्थियों को सूचना, परामर्श और शिकायतों के समाधान की एकीकृत एवं समयबद्ध सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था को शुरुआती चरण में लागू करने के दौरान कुछ कठिनाइयां आ सकती हैं। ऐसे में उन्होंने विद्यार्थियों और संबंधित पक्षों से धैर्य बनाए रखने तथा व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने में सहयोग देने की अपील की।