फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: महाराज जी, गबन में डूबे हमारे 50 लाख रुपये दिलवा दीजिए

विज्ञापन
विज्ञापन
हिंदी बाजार के दो सराफा व्यापारियों ने मुख्यमंत्री और एडीजी लॉ एंड ऑर्डर को भेजा शिकायती पत्र
विज्ञापन


आरोप लगाया, साझेदार व्यापारियों ने मिलकर किया गबन, उनके रूपये भी नहीं मिले और दोषी भी हैं बाहर

रोहित सिंह

गोरखपुर। सराफा कारोबार से जुड़े दो व्यापारियों ने साझेदारी में व्यापार करने वालों पर 50 लाख रूपये गबन का आरोप लगाया है। इनका कहना है कि जिनके साथ खरीद फरोख्त की थी, उसने ठगी करके हमारे रूपये हड़प लिए। इनमें से एक को तो पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया, लेकिन दूसरे साझीदार को पुलिस ने इस पूरे मामले से ही दूर कर दिया है। अब पीड़ित व्यापारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की फरियाद की है।
सराफा व्यापारी मनीष और दशरथ का कहना है कि मदन गुप्ता और मुंबई के दिलीप सूर्वे ने हिंदी बाजार में उनके साथ साझेदारी में व्यापार शुरू किया। मनीष और दशरथ ने इनके साथ व्यापार में 50 लाख रुपये लगाए। आरोप है कि कुछ दिन बाद दिलीप दुकान बंद करके मुंबई भाग गया। मदन के पास जाने पर उन्होंने दिलीप के साथ व्यापार में हिस्सेदारी की बात से इनकार कर दिया। जब दबाव बनाया गया तो दिलीप वापस आया और इसकी गिरफ्तारी भी हो गई। लेकिन, दूसरे सहयोगी मदन के नाम को पुलिस ने मामले से दूर रखा है।
विज्ञापन

मनीष ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में लिखा है कि राजघाट थानाक्षेत्र के सराफा बाजार में मदन गुप्ता, निवासी माया बाजार और एवं दिलीप सूर्वे, निवासी जिला सांगली, महाराष्ट्र ने एक साथ साझेदारी में व्यापार शुरू किया था। दोनों ने मिलकर महावीर गोल्ड टंच सेंटर, गोयल कटरा में एक दुकान खोली थी। ये दुकान दोनों की साझेदारी में नवम्बर, 2021 में शुरू की गई थी। इस टंच की दुकान से छोटे सराफा व्यापारी गला सोना खरीदते थे और अपना सोना गलाने के लिए भी देते थे। इसके अलावा संबंधों पर आर्थिक लेन-देने का भी करते थे।
इसी दौरान हमारे चालीस लाख और बाजार के ही दशरथ अग्रवाल का दस लाख रूपये मदन और दिलीप ने गबन कर लिया। बाद में पता चला कि बाजार में अन्य लोगों के रूपये भी इन्होंने गबन किए हैं। व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि दर्ज मुकदमे की जांच में सारे प्रमाण राजघाट पुलिस को देने के बाद भी अभी तक पुलिस ने संतोषजनक कार्रवाई नहीं की है। मनीष और दशरथ ने मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच की मांग की है।

साझेदारी में चली थी दुकान

मुख्यमंत्री और एडीजी लॉ एंड आर्डर को भेजे पत्र में व्यापारियों ने बताया है कि दिलीप और मदन ने साझेदारी में दुकान खोली थी। पत्र के साथ साझेदारी में खुली दुकान महावीर गोल्ड टंच सेंटर की की फोटो भी है। प्रोपराइटर जगन्नाथ बांबे वाले और मदन अग्रवाल धर्मकांटा वाले का नाम लिखा है। दोनों का फोन नंबर भी लिखा है।

सराफा मंडल समझौते का कर चुका है प्रयास

सराफा मंडल आरोपी मदन और पीड़ित व्यापारियों के बीच समझौते का प्रयास कर चुका है। सराफा मंडल ने बातचीत में तय किया था कि दुकान में रखी मशीन को बेचकर व्यापारियों को धन धीरे-धीरे कर दे दिया जाएगा। चर्चा है कि मदन ने मुख्यमंत्री शिकायती पोर्टल पर दुकान पर कब्जे की शिकायत कर राजघाट थाने के सहयोग से दुकान खोलवा ली।
विज्ञापन


कोट

मामले का संज्ञान है। विवेचक जांच कर रहे हैं। मामले में एक नामजद अभियुक्त की गिरफ्तारी हो चुकी है। दो दिन पहले भी उच्चाधिकारी के निर्देश पर विवेचक और पीड़ित पक्ष को आमने-सामने बैठाकर अभी तक की जांच के संबंध में जानकारी दी गई थी। : राजेंद्र सिंह, थानाध्यक्ष राजघाट
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें