डॉ. अश्वनी मिश्रा ने बताया कि धूम्रपान करने वालों के फेफड़ों तक तो करीब 30 फीसद ही धुंआ पहुंचता है। यहीं धुंआ उनके फेफ ड़ों को नुकसान पहुंचाता है। ऐसे लोगों को कोरोना के वायरस ज्यादा तेजी से असर करते हैं। इसके अलावा 70 फीसदी धुंआ अन्य लोगों को नुकसान पहुंचाता है।
इतना ही नहीं तंबाकू का सेवन करने वालों को करीब 40 तरह के कैंसर और अन्य 25 गंभीर बीमारियों की चपेट में आने की संभावना रहती है। इसमें मुंह और गले का कैंसर सबसे अधिक है। इसके अलावा नपुंसकता का भी खतरा अधिक है। तंबाकू का सेवन करने वाले कई लोग संक्रमण का शिकार भी हो चुके हैं।
कई युवाओं की हो चुकी है मौत
दूसरी लहर में कई युवा ऐसे भी रहे, जो कोरोना की चपेट में आए। जांच में उनके सीने में संक्रमण अधिक मिला है। यह युवा सिगरेट ज्यादा पीते थे। इसकी वजह से फेफड़ों को दोहरा नुकसान हुआ। एक तरफ संकमण का तो दूसरी तरफ सिगरेट का। यही वजह है कि ऐसे युवाओं को बचाया नहीं जा सका। ऐसे युवाओं की संख्या करीब 20 के आसपास रही है।