गोरखपुर जिले को बाल श्रम से मुक्त करने में श्रम विभाग लगातार कार्य कर रहा है। इसी का नतीजा है कि पिछले दो सालों में लगभग 700 बाल श्रमिकों को मुक्त कराते हुए उन्हें शिक्षा से जोड़ने के साथ ही उनके परिजनों को श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ दिलाया गया है।
श्रम विभाग की ओर से बाल श्रमिकों के उत्थान के लिए चलाई जा रही नया सवेरा योनजा की तकनीकी सलाकार यूनिसेफ की सितारा सिद्दीकी ने बताया कि श्रम विभाग बाल श्रमिकों को चिंहित कर उन्हें शिक्षित कराने के साथ ही उनके परिवार को विभिन्न योजनाओं से जोड़ने का कार्य कर रहा है।
बताया कि श्रम विभाग की ओर से संचालित नया सवेरा योजना के अंतर्गत गोरखपुर में 2019-20 में बाल श्रमिक बच्चों का सर्वेक्षण गैर सरकारी संस्था के द्वारा नगर निगम के 15 वार्डों में कराया गया। जिसमें छह से 18 वर्ष के कुल 593 बच्चों को चिंहित किया गया। जिसमें शिक्षा विभाग के सहयोग से 474 बच्चों का नामांकन सरकारी व गैर सरकारी विद्यालयों में कराया गया।
वहीं 280 बच्चों को बाल श्रमिक विद्या योजना से जोड़ा गया। इसके साथ ही 414 श्रमिक परिवारों को बीओसीडब्लू की योजनाओं से जोड़कर उन्हें लाभांवित कराया जा रहा है। बताया कि इसी तरह 2020-21 में नया सवेरा योजना के अंतर्गत नगर निगम के 28 वार्डों में बाल श्रमिक बच्चों का सर्वेक्षण कार्य गैर सरकारी संगठन सैफ सोसायटी द्वारा कराया जा रहा है। जिसमें अबतक 105 बाल श्रमिक बच्चों को चिंहित किया जा चुका है।