डॉ. राहुल ने बताया कि एक हजार लोगों में यह बीमारी एक को होती है। इस बीमारी में दिक्कत होने पर दौरे भी पड़ने लगते हैं। व्यस्कों में सिरदर्द, बेचैनी या बीमार महसूस करना भी इसका लक्षण है। बुजुर्ग और व्यस्कों में यह बीमारी याददाश्त को कमजोर कर देती है।
हालांकि अच्छी बात यह है कि ये जानलेवा नहीं है। इस बीमारी में आंखों की रोशनी कमजोर होने लगती है। सुनाई देना भी कम हो जाता है। चीजों को देखने पर धब्बे या आकार में भी परिवर्तन नजर आता है। रंगों को पहचानने में परेशानी हो सकती है। मरीज को झटका आने लगता है।
करना पड़ता है ऑपरेशन
डॉ. राहुल ने बताया कि सुबह उठने पर सिरदर्द के साथ उल्टी हो जाए तो तत्काल डॉक्टर को दिखाएं। उल्टी के साथ सिरदर्द होना भी लक्षण है। यह संकेत दिमाग के अगले हिस्से में ट्यूमर का है। इसका इलाज संभव है। इसके लिए ऑपरेशन जरूरी है।