गंडक नदी के वाल्मीकि नगर बैराज व इससे जुड़े तटबंध तथा नहर प्रणाली की मरम्मत के लिए नेपाली प्रशासन की अनुमति के बाद बुधवार को मरम्मत में प्रयुक्त होने वाली सामग्री, वाहन तथा 45 मजदूरों के साथ अनुरक्षण कार्य कराने वाले अभियंता नेपाल सीमा में पहुंच गए। बांध के क्षतिग्रस्त बिंदुओं के अनुरक्षण का कार्य शुरू हो गया है। शर्त के मुताबिक मजदूरों के लिए विशेष पास व कोरोना मुक्त प्रमाण पत्र जारी किया गया है।
कोरोना संकट के दौरान बीते मई में नेपाली प्रशासन ने वाल्मीकि नगर बैराज व बांध के नेपाल वाले हिस्से में भारतीय अभियंताओं व मजदूरों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी थी। 15 जून से बरसात होने के साथ ही गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। इसके बाद बैराज व बांध के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का मामला गरमा गया।
अमर उजाला ने इस समस्या को लगातार प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद मंगलवार को भारत व नेपाल के अफसरों के बीच हुई वार्ता में सशर्त सहमति बनी। तय हुआ कि बिहार के सिंचाई विभाग के वाल्मीकि बैराज के कार्यपालक अभियंता जमील अहमद के नेतृत्व में ऐसे लोग जो नेपाली क्षेत्र में जाकर पुल व तटबंधों की मरम्मत कार्य करेंगे, उनको विशेष पास जारी किया जाएगा।
नेपाली प्रशासन की शर्त के मुताबिक सभी का स्वास्थ्य परीक्षण कराकर कोरोना मुक्त होने का प्रमाण पत्र दिया गया। सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने के उपरांत बुधवार को ट्रैक्टर ट्राली पर मरम्मत हेतु आवश्यक सामाग्री लोड कर नेपाल सीमा में मजदूर तथा कुशल कारीगर व अभियंता प्रवेश किए और अनुरक्षण कार्य शुरू किया गया।