मुंबई से ट्रेन से घर लौट रहे झंगहा गांव के रामलखन साहनी (52) की कानपुर-लखनऊ के बीच मौत हो गई। इसके बाद ट्रेन में हड़कंप मच गया। रामलखन के दोस्त ने शुक्रवार सुबह मौत की खबर घरवालों को दी। स्थानीय प्रशासन शव को कब्जे में लेकर जांच व अन्य प्रक्रिया पूरी करा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, रामलखन मुंबई के मुलुंड क्षेत्र में खोराबार के डांड़ी गांव निवासी राजेश निषाद के साथ रहते थे। लॉकडाउन के दौर में दोनों किसी तरह से झांसी तक पहुंचे थे और वहां से ट्रेन से घर लौट रहे थे।
रामलखन को बुखार की समस्या मुंबई में ही हो गई थी। रास्ते में उनकी तबीयत और बिगड़ी और लखनऊ पहुंचने से पहले मृत्यु हो गई। शुक्रवार को सुबह राजेश निषाद ने रामलखन के घरवालों को इसकी सूचना दी।
चार महीने पहले गए थे मुंबई
रामलखन चार माह पहले ही मुंबई गए थे। मार्च में लॉकडाउन होने के बाद से कार्य न मिलने और कुछ दिनों बाद पैसा समाप्त हो जाने के चलते वह परेशान थे। रामलखन की पत्नी हेमवती देवी अपने पांच बच्चों अमरजीत (24), सुधीर (22 ) ,सुजीत (19), पूजा (18) और अखिलेश (16) के साथ झंगहा में ही रहती हैं।