- समूह की महिलाओं को 1.50 लाख तिरंगा बनाने का मिला है लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। स्वतंत्रता दिवस पर इस बार क्षेत्र में समूह की महिलाओं के हाथों सिले तिरंगे झंडे लहराएंगे। समूह की महिलाएं दिन रात मेहनत तिरंगा बनाने में जुटी हैं। उनका यह काम अंतिम चरण में है। समूह की महिलाएं यह अवसर आर्थिक आमदनी के साथ लोगों में राष्ट्रप्रेम की अलख जगाने का मौका मान रही हैं।
राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत हर घर तिरंगा अभियान को लेकर जिले को 1,50,000 तिरंगा बनाने का लक्ष्य दिया गया है। एनआरएलएम ने इस लक्ष्य को जिले के सभी 14 विकास खंडों में बांट दिया। इसमें 20 से अधिक समूह की महिलाओं को तिरंगा बनाने का काम दिया गया। पांच समूह की तरफ से बड़े पैमाने पर तिरंगा बनाया जा रहा है। इन झंडों की सिलाई न सिर्फ आजीविका का साधन बन रही है, बल्कि हर घर देश प्रेम की भावना भी पहुंचा रही हैं।
स्वतंत्रता दिवस पर इस समूह को 5 से 10 हजार तिरंगे की सिलाई का लक्ष्य मिला है, जिसे पूरा करने की जिम्मेदारी जगत जननी समूह की महिलाओं ने अपने कंधों पर ली है।
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एक झंडा बनाने में 20 से 22 रुपये की आ रही लागत
समूह की महिलाओं ने बताया कि कपड़े का एक तिरंगा बनाने में 20 से 22 रुपये की लागत पड़ रही है। तिरंगा तैयार होने के बाद चक्र की छपाई की जाएगी। 11 अगस्त तक लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। उसके बाद ग्राम पंचायत को बेचा जाएगा। ग्राम पंचायत, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, जनप्रतिनिधि समूह से झंडे खरीदेंगे। इससे समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत 11 से 15 अगस्त तक हर घर तिरंगा अभियान का आयोजन किया जाएगा।
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आर्थिक स्थिति में आएगा सुधार
जिले के समूह की महिलाओं को 1.50 लाख तिरंगा बनाने का लक्ष्य दिया गया है। यह काम अंतिम चरण में चल रहा है। समूह की महिलाओं की ओर से बनाए गए तिरंगे घर-घर लहराएंगे। इन तिरंगों के माध्यम से समूह की महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।
- उपकेंद्र कुमार पाठक, जिला प्रबंधक एनआरएलएम।