एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगाने के बाद बिगड़ी थी आठ महिलाओं की तबीयत
परिजनों के हंगामे के बाद नर्स अस्पताल से बाहर चली गईं, पुलिस बुलाई गई
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। महिला अस्पताल में भर्ती महिलाओं की तबीयत में सुधार एंटी एलर्जी इंजेक्शन लगाने के बाद आ गया। इसके बाद परिजनों ने भी हंगामा करना बंद कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने सबकुछ सामान्य होने का दावा किया है।
बताया जा रहा है कि जिला महिला अस्पताल के एमसीएच विंग के प्रथम तल पर 22 प्रसूताएं भर्ती हैं। इनका हाल ही में सिजेरियन प्रसव हुआ है। इन महिलाओं को सुबह-शाम एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगाया जाता है। इसी क्रम में बृहस्पतिवार की देर रात करीब 12 बजे नर्स ने महिलाओं को एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगाया था। बताया गया कि इंजेक्शन लगने के बाद महिलाओं की तबीयत बिगड़ने लगी। कुछ देर बाद कल्याणी, सरस्वती, नेहा सहित पांच अन्य महिलाओं की आंखों में जलन, जी मिचलाना, उल्टी, खुजली सहित अन्य परेशानियां होने लगी। इस पर महिलाओं के परिजन नर्स से सवाल करने लगे कि कौन सा इंजेक्शन लगाया है, जिसकी वजह से परेशानी होने लगी है।
नर्सों ने बताया की एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगाया गया है, कोई दिक्कत नहीं होगी, लेकिन महिलाओं की परेशानी बढ़ती ही जा रही थी। इस पर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद नर्स अस्पताल छोड़कर भागने लगीं, जिस पर हाथापाई की नौबत आ गई। अस्पताल प्रशासन ने तत्काल सूचना पुलिस और अधिकारियों को दी। सूचना पर अस्पताल के एसआईसी डॉक्टर जय कुमार पहुंचे और तत्काल आठों महिलाओं को एंटी एलर्जी इंजेक्शन लगवाया। कुछ देर बाद महिलाओं की हालत में सुधार होने लगा। हंगामा करीब तीन घंटे तक चला।
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