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दो साल पहले पति ने कर ली थी खुदकुशी, अब इस वजह से पत्नी ने गंवाई जान

Tue, 29 Dec 2020 09:44 AM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, सल्टौआ/सोनहा (बस्ती)।
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घटनास्थल पर पूछताछ करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला।
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उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के सोनहा थाना क्षेत्र के तेलियाडीह गांव में मकान बनाने के लिए जमीन को लेकर पिता और भाइयों में सोमवार को मारपीट हुई। यह देखकर बीच-बचाव के लिए पहुंची बीमार महिला की गिरने से मौत हो गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि कोई जाहिरा चोट नहीं है। काफी दिनों से लकवे के कारण काफी कमजोर हो गई थी। मृत महिला सुभावती पत्नी नंदलाल के पुत्र अजय कुमार ने तहरीर देकर ससुर पलटू, देवर शंभू, भतीजे कुलदीप, देवरानी सुभावती और शकुंतला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

तेलियाडीह निवासी पलटू के पुत्र विजय व अजय अलग-अलग रहते हैं। दोनों को प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुआ है। आवास बनाने के लिए वे पिता से पुश्तैनी खेत में जमीन मांग रहे थे। मगर पिता व अलग रह रहे अन्य भाई इसका विरोध कर रहे थे। सोमवार को दोनों उस जगह मकान बनाने के लिए पहुंचे। इसी बीच उसके पलटू पुत्र आसरे अपने बेटे शंभू, बहू सुभावती, पोताकुलदीप, प्रदीप, गोविंद की बेटी अंजली व पत्नी शकुंतला के साथ लाठी, डंडा लेकर पहुंच गए।
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पति पहले ही लगा चुका है फंदा

आरोप है कि पहुंचते ही मारपीट करने लगे। यह देख विजय की बीमार मां सुभावती (45) पत्नी स्व.नंदलाल भी वहां बचाव के लिए पहुंच गई। इस दौरान गिरने से उसकी मौत हो गई। बता दें कि मृत महिला की देवरानी का नाम भी सुभावती है। सूचना पाकर पुलिस क्षेत्राधिकारी रुधौली शक्ति सिंह, प्रभारी निरीक्षक अटल बिहारी ठाकुर फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मौजूद तमाम लोगों से पूछताछ की।

करीब दो साल पहले सुभावती के पति नंदलाल की दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पारिवारिक विवाद और अभाव के दबाव को बर्दास्त न कर पाने की वजह से फंदे पर लटकर जान दे दी थी। इसके कुछ महीने बाद सुभावती लकवे का शिकार हो गईं। अब बिना लाठी लिए चल-फिर पाने में असमर्थ थी।
 
सवा तीन लाख रिकवरी बनी जड़
विवाद की जड़ पलटू खुद बताए जा रहे हैं। जो अपने तीन बेटों को अलग करके उन्हें भिरिया के पास की चरागाह की जमीन पर मकान बनवा दिया। कुछ महीने पहले तहसील प्रशासन की तरफ से सरकारी जमीनों का कब्जा हटाने का अभियान चलाया गया तो विजय, अजय और गोविंद के घर उजाड़ दिए गए। प्रशासन ने उन पर सवा तीन लाख रुपये रिकवरी का आदेश दिया। इस पर तीनों पिता से पुश्तैनी जमीन में मकान बनाने के लिए जगह मांग रहे थे।
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