कूटरचित दस्तावेजों के सहारे परिषदीय स्कूलों में शिक्षक बने 87 लोगों को बेसिक शिक्षा विभाग बर्खास्त कर चुका है। सभी पर मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। मगर, अब तक सभी फर्जी शिक्षकों की न तो गिरफ्तारी हुई है और न ही वेतन के मद में डकारे गए 38 करोड़ रुपये की रिकवरी हो सकी है।
पिछले तीन वर्षों में परिषदीय स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के खिलाफ कूटरचित दस्तावेजों के सहारे नौकरी करने की शिकायत मिली। विभागीय जांच के दौरान इन्हें निलंबित कर मामले की जांच संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को सौँपी गई। उनकी रिपोर्ट के आधार पर फर्जी शिक्षकों पर बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई है।
विभाग ने सभी फर्जी शिक्षकों से रिकवरी की रिपोर्ट बनाकर राजस्व विभाग को भेज दिया है। बीएसए आरके सिंह ने बताया कि फर्जी शिक्षकों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की गई है। सभी के वेतन रिकवरी की रिपोर्ट राजस्व विभाग को सौंपी गई है।