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Gorakhpur News: संस्कारयुक्त शिक्षा के बिना समाज में व्यक्ति का जीवन निरर्थक

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अमर उजाला ब्यूरो
गोला ( गोरखपुर)। शिक्षित व्यक्ति ही समाज व राष्ट्र का निर्माण करता है। शिक्षित व्यक्ति में यदि संस्कार न हो तो वह समाज में निरर्थक साबित होता है। युवाओं को शिक्षा, संस्कार और स्वास्थ्य के प्रति गंभीर होना चाहिए।
ये बातें पूर्व आयकर आयुक्त व समाजवादी पार्टी के नेता डॉ. रामसमुझ ने कहीं। वह रविवार को सिद्धार्थ गौतम फाउंडेशन की तरफ से वीएसवी इंटर काॅलेज गोला में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आमजन के बीच विषमताएं रहेंगी, तो देश विकसित राष्ट्र नहीं बन सकेगा। कोई भी देश विकसित तभी होता है, जब उसके नागरिकों में समानता होती है। हमारे यहां असमानता ज्यादा है, इसलिए यह खाई पाटे बिना विकसित होना संभव नहीं है।
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डॉ. रामसमुझ ने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक होना चाहिए। उन्होंने बच्चों को मोबाइल से दूरी बनाने और किताबों व अपने गुरुजनों के बीच अधिक से अधिक समय बिताने का आह्वान किया। कहा-मैं इसी माटी से पढ़-लिखकर आगे बढ़ा हूं। इसमें आप सभी का आशीर्वाद मिला है। आप सभी को एक मंच पर लाकर सम्मान करते हुए बड़ी प्रसन्नता हो रही है। आगे भी इस कार्यक्रम को अनवरत चलाने का पूरा प्रयास करूंगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बतौर मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त जिला विद्यालय निरीक्षक शिवचंद राम ने कहा कि पुरातन शिक्षा को आधुनिक शिक्षा के साथ वैज्ञानिक व तकनीकी के रूप में अग्रसारित करना होगा। तभी देश विकसित या विश्व गुरु बन सकता है। साथ ही समाज के सभी दलित व पिछड़े वर्गों को समाज की मुख्य धारा में लाना होगा।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की असिस्टेंट प्रोफेसर डाॅ. ज्योति बाला ने कहा कि किशोरावस्था के बच्चों में तेजी से बदलाव होता है। उसी समय सचेत रहने की आवश्यकता होती है। यही वह समय होता है जब वे आगे बढ़ने के लिए गलत व सही रास्तों का चयन करते हैं। ऐसे में बच्चों को सेक्स एजूकेशन के प्रति भी जानकारी होना चाहिए।
लेफ्टिनेंट कर्नल व शिक्षक शशिमौलि त्रिपाठी ने कहा कि नारा लगाने से देश विकसित राष्ट्र नहीं बनेगा। इसके लिए छात्रों को उचित शिक्षा की जरूरत है। इसलिए वर्षों का अनुभव प्राप्त कर चुके अवकाश प्राप्त शिक्षक यदि नए शिक्षकों को प्रशिक्षित करें तो स्कूलों में एक नई क्रांति आएगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रधानाचार्य श्रीराम मिश्रा ने कहा कि क्षेत्र में इस तरह का यह पहला कार्यक्रम है। इससे अवकाश प्राप्त शिक्षकों में एक अलग ही उत्साह देखने को मिला है। क्षेत्र के उन लोगों के लिए एक मिसाल भी बना है जो इस क्षेत्र से पढ़ लिखकर आगे बढ़े हैं। उनके आगे बढ़ने में इन गुरुओं का विशेष योगदान शामिल है।
इस दौरान विशिष्ट अतिथि पूर्व एडी बेसिक डा. केसी भारती, पूर्व प्रधानाचार्य डा. विजयानंद तिवारी, पूर्व प्रधानाचार्य रवींद्र सिंह, डा. राजेंद्र कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में छात्रों ने स्वागत गीत व सांस्कृतिक कार्यक्रम की मनोहारी प्रस्तुति दी। इसके पूर्व आयोजक डा. रामसमुझ ने शिक्षकों, अवकाश प्राप्त शिक्षकों व क्षेत्र के विद्वानों को अंगवस्त्र व डायरी देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन राजेश कुमार ने किया।
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इस अवसर पर चेयरमैन नगर पंचायत गोला लालती देवी, रिटायर्ड वैज्ञानिक परमहंस यादव, प्रबंधक आरबी यादव, विष्णु दत्त मिश्रा, ओमप्रकाश उर्फ मोतीलाल, रामनिवास पांडेय, संतोष कुमार, राम आधार यादव उपस्थित रहे।
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