शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) से खुश करने वाली खबर भी है। चिड़ियाघर में 15 नन्हें मेहमान आ गए हैं। वन्य जीव प्रेमी चिड़ियाघर जाकर इन नन्हें मेहमानों का दीदार और स्वागत कर सकते हैं।
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प्राणि उद्यान की ओर से शनिवार को जारी एक विज्ञप्ति में बताया गया है कि पिछले तीन महीनों में चिड़ियाघर में 15 नन्हें मेहमानों की आमद हुई है। कांकड़, हिरण, काकाटील, सेही, बजरीगर, मस्कवी डक और लव बर्ड ने 15 बच्चों को जन्म दिया है। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि चिड़ियाघर खुलने के बाद अब तक कुल 15 नए वन्य जीव पैदा हो चुके हैं।
बाड़ों के बाहर मिलते हैं पान मसाला के खाली रैपर
प्राणि उद्यान परिसर में बाहर से किसी प्रकार का कोई सामान लेकर जाना प्रतिबंधित है, लेकिन लेपर्ड से लेकर मगरमच्छ के पॉंड के आसपास आए दिन पान मसाला के रैपर मिलते हैं। ऐसा नजारा लगभग पूरे चिड़ियाघर परिसर में देखा जा सकता है।
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शेड्यूल वन के वन्य जीवों का मृत शरीर होती है सरकारी संपत्ति
डीएफओ अविनाश कुमार ने बताया कि शेड्यूल (अनुसूची) एक में जानवरों का मृत शरीर सरकार की संपत्ति होती है। ऐसे में उनका अंतिम संस्कार राज्य वन विभाग ही कर सकता है। हालांकि प्राणि उद्यान प्रबंधन के लोग भी वन विभाग के अधिकारी हैं। ऐसे में वह अंतिम संस्कार कर सकते हैं। हालांकि, कई मुद्दों पर प्राणि उद्यान प्रबंधन खुद को वन विभाग से अलग मानता है।