उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव का बिगुल बज चुका है। ग्राम प्रधानों को अपना-अपना चुनाव चिन्ह मिल चुका है। ऐसे में गोरखपुर जिले की एक ग्राम पंचायत का मुकाबला बहुत रोचक हो गया है। यहां प्रधान पद के कैंडिडेट के रुप में पति-पत्नी ही आमने-सामने आ गए हैं।
यह मामला परफार्मेंस ग्रांट के लिए चयनित विकास खंड भटहट की ग्राम पंचायत औरंगाबाद का है। यहां निवर्तमान प्रधान मांडवी देवी व उनके पति आमने-सामने हो गए हैं। पति-पत्नी के आमने-सामने आ जाने से सभी लोग हैरान हैं।
ये है पूरा मामला
दरअसल, औरंगाबाद गांव के लिए परफार्मेंस ग्रांट के तहत तीन करोड़ 48 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। पहले आरक्षण की सूची में यह गांव अनुसूचित जाति के लिए हो गया था। ऐसे में निवर्तमान प्रधान चुनावी मुकाबले से बाहर हो गई थीं।
इसके बाद दोबारा आरक्षण सूची जारी होने पर गांव पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हो गया। ऐसे में वह फिर मुकाबले में आ गईं। अब यहां मनचाहा चुनाव चिन्ह पाने के लिए कई दावेदारों ने एक ही पद के लिए अपने ही परिवार के एक से अधिक सदस्यों का पर्चा भरा था।
ऐसे में औरंगाबाद में भी निवर्तमान प्रधान मांडवी देवी व उनके पति राकेश प्रजापति ने प्रधान पद के लिए पर्चा भरा था। अंतिम समय में चुनाव चिन्ह बदल न जाए इस चक्कर में एक पर्चा उठाया नहीं जा सका। जिससे पति-पत्नी आमने सामने हो गए हैं।