गगहा में फ्लोर मिल पर पहुंचे किसानों की खाद्य विभाग के अधिकारियों से दो टूक
अधिकारियों ने काफी मनाया लेकिन क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने को तैयार नहीं हुए किसान
गगहा। साहब! जब बाजार में सरकारी रेट से ज्यादा भाव मिल रहा है तो हम अपना गेहूं, क्रय केंद्र पर क्यों बेचे। हम वही अपनी उपज बेचेंगे जहां ज्यादा भाव और सुविधाएं मिलेंगी।
ये बाते गगहा क्षेत्र के किसानों ने बुधवार को नोडल खाद्य अधिकारी आरबी सिंह से कहीं। वह गोरखपुर में क्रय केंद्रों का निरीक्षण करने आए हैं। क्षेत्र में नोडल खाद्य अधिकारी, टीम के साथ किसानों को क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए संपर्क कर प्रेरित कर रहे थे कि इसी दौरान कौड़ीराम स्थित चंवरिया फ्लोर मिल के सामने टैक्टर ट्राॅली पर लदा 50 बोरा गेहूं देखकर रुक गए। किसानों को समझा बुझाकर क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने को कहा, लेकिन किसान का कहना था कि हम क्रय केंद्र पर कम दामों में गेहूं नहीं बेचेंगे।
किसान जयराम, दयाशंकर शुक्ला, विजय प्रकाश आदि का कहना था कि क्रय केंद्रों पर गेहूं का एमएसपी 2125 रुपये है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन के बाद इंतजार करना पड़ता है और फिर अपने साधन से गेहूं को क्रय केंद्र लेकर पहुंचना पड़ता है। साथ ही क्रय केंद्रों पर 20 रुपये प्रति क्विंटल पल्लेदारी ले ली जाती है। प्रति क्विंटल में से दो किलोग्राम गर्दा कचरा के नाम पर काट लिए जाते हैं। जिसके बाद 2000 से 2050 रुपए तक ही प्रति क्विंटल प्राप्त होते हैं। वहीं प्राइवेट मंडी में गेहूं के दाम 2200 से 2500 रुपये तक मिल जा रहा है। पल्लेदारी और गर्दा कचरा के नाम पर कटौती भी नहीं होती।
नोडल अधिकारी के साथ जिला विपणन अधिकारी आरएन पांडेय ने भी बात की, लेकिन किसानों ने एक ना सुनी। चंवरिया फ्लोर मिल के व्यापारी राम प्रताप सिंह ने कहा कि क्रय केंद्रों के मुकाबले यहां किसानों को ज्यादा दाम मिल रहा है। इसलिए किसान अपने गेहूं को लेकर यहां पहुंच रहे हैं।
कैंपियरगंज में क्रय केंद्र सूने, बाजार गुलजार
कैंपियरगंज। तहसील क्षेत्र के किसान अपना गेहूं सरकारी क्रय केंद्रों के बजाए खुले बाजार में बेच रहे हैं। किसानों को बाजार में सरकारी रेट से ज्यादा दाम मिल रहे हैं। सरकार ने समर्थन मूल्य 2125 रुपये घोषित किया है, जबकि वर्तमान में बाजार में 2200 से 2300 तक के दाम मिल रहे हैं। पंजीकरण और सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने का झंझट भी नहीं है। क्षेत्र के किसान मुलायम चौरसिया, राजेंद्र सहानी, सुधीर पाण्डेय आदि का कहना है कि बाजार भाव को देखते हुए प्रति क्विंटल गेहूं पर दो सौ रुपये बोनस मिले तभी लोग गेहूं सरकारी क्रय केंद्र पर बेचेंगे। हाट शाखा के क्रय केंद्र प्रभारी अर्जुन सिंह का कहना है कि गल्ला व्यापारी किसानों के घर से 2250 से 2300 रुपये क्विंटल के हिसाब से गेहूं खरीदकर स्टाक कर रहे हैं।