राजेश नेभानी, अध्यक्ष, थोक वस्त्र व्यवसायी वेलफेयर सोसाइटी
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कोरोना संक्रमण से माता-पिता को खोने वाले बच्चों का कपड़ा व्यापारी सहारा बनेंगे। थोक वस्त्र व्यवसायी वेलफेयर सोसाइटी ने बेसहारा हुए बच्चों को हर महीने एक हजार रुपये नकद देने की घोषणा की है। साथ ही बच्चों की अन्य जरूरतों का ख्याल रखने की भी बात की है। बच्चों की जानकारी के लिए संगठन ने वाट्सएप नंबर जारी किया है।
कोरोना संक्रमण से गोरखपुर जिले में सैकड़ों लोगों की मौत हुई है। कई ऐसे परिवार हैं जिनमें माता-पिता की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई है। इन परिवारों में अब बच्चे ही बचे हैं। ऐसी स्थिति में बच्चों का भविष्य अंधकारमय न हो इसके लिए कपड़ा व्यवसायियों ने पहल की है। व्यवसायी खुद भी ऐसे बच्चों की तलाश में जुटे हैं। साथ ही प्रशासन की ओर से बनाई जा रही सूची को भी हासिल कर बच्चों से संपर्क करेंगे।
सेवा कार्यों में लगातार जुटे हैं व्यापारी
थोक वस्त्र व्यवसायी वेलफेयर सोसाइटी के पदाधिकारी और सदस्य सेवा कार्यों में लगातार जुटे हुए हैं। कुछ दिनों पहले ही व्यवसयियों ने शहर के पुलिसकर्मियों में मास्क, सैनिटाइजर का भी वितरण किया था। कोरोना की पहली लहर में व्यवसायियों ने हजारों जरूरतमंदों को राशन सामग्री दी थी। इसकी अफसरों ने भी सराहना की थी।