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#LadengeCoronaSe: कोरोना काल में बेसहारा हुए बच्चों के लिए भगवान बने ये लोग, हर महीने देंगे हजार रुपये

Sun, 30 May 2021 04:50 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

अन्य जरूरतों का भी रखेंगे ख्याल। जून महीने से करेंगे शुरुआत, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से मिली मदद की प्रेरणा।
 
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राजेश नेभानी, अध्यक्ष, थोक वस्त्र व्यवसायी वेलफेयर सोसाइटी - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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कोरोना संक्रमण से माता-पिता को खोने वाले बच्चों का कपड़ा व्यापारी सहारा बनेंगे। थोक वस्त्र व्यवसायी वेलफेयर सोसाइटी ने बेसहारा हुए बच्चों को हर महीने एक हजार रुपये नकद देने की घोषणा की है। साथ ही बच्चों की अन्य जरूरतों का ख्याल रखने की भी बात की है। बच्चों की जानकारी के लिए संगठन ने वाट्सएप नंबर जारी किया है।
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कोरोना संक्रमण से गोरखपुर जिले में सैकड़ों लोगों की मौत हुई है। कई ऐसे परिवार हैं जिनमें माता-पिता की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई है। इन परिवारों में अब बच्चे ही बचे हैं। ऐसी स्थिति में बच्चों का भविष्य अंधकारमय न हो इसके लिए कपड़ा व्यवसायियों ने पहल की है। व्यवसायी खुद भी ऐसे बच्चों की तलाश में जुटे हैं। साथ ही प्रशासन की ओर से बनाई जा रही सूची को भी हासिल कर बच्चों से संपर्क करेंगे।

सेवा कार्यों में लगातार जुटे हैं व्यापारी
थोक वस्त्र व्यवसायी वेलफेयर सोसाइटी के पदाधिकारी और सदस्य सेवा कार्यों में लगातार जुटे हुए हैं। कुछ दिनों पहले ही व्यवसयियों ने शहर के पुलिसकर्मियों में मास्क, सैनिटाइजर का भी वितरण किया था। कोरोना की पहली लहर में व्यवसायियों ने हजारों जरूरतमंदों को राशन सामग्री दी थी। इसकी अफसरों ने भी सराहना की थी।
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इन नंबरों पर करें संपर्क

शिव कुमार अग्रवाल, संरक्षक - 9984754322
संजय अग्रवाल, महामंत्री - 6390215737
मनीष सर्राफ, उपाध्यक्ष - 9415244695

थोक वस्त्र व्यवसायी वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष राजेश नेभानी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेसहारा हुए बच्चों का खुद अभिभावक बन उनके उज्जवल भविष्य की बुनियाद तैयार कर रहे हैं। इनकी प्रेरणा से थोक वस्त्र व्यवसायी वेलफेयर सोसाइटी ने बेसहारा बच्चों की मदद का निर्णय लिया है। बच्चों के बालिग होने तक मदद दी जाएगी। बच्चों के संपर्क में रहकर उनकी अन्य जरूरतों को भी पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।
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