गोरखपुर चिड़ियाघर में आया सफेद बाघ।
- फोटो : अमर उजाला।
चिड़ियाघर में अब दर्शक सफेद बाघ देख कर रोमांचित हो सकेंगे। सोमवार को चिड़ियाघर की टीम लखनऊ जू से सात साल की सफेद बाघिन गीता को लेकर गोरखपुर के लिए रवाना हो गई। टीम के देर रात गोरखपुर पहुंचने की सूचना थी। एक सप्ताह पहले सेंट्रल जू अथॉरिटी ने गीता को शहीद अशफाक उल्लाह खां प्राणि उद्यान गोरखपुर लाए जाने की अनुमति दी थी।
वन मंत्री डॉक्टर अरुण सक्सेना ने पिछले दिनों गोरखपुर चिड़ियाघर में सफेद बाघ लाए जाने का विश्वास दिलाया था। कहा था कि नए मंत्रिमंडल गठन के 100 कार्यदिवस के बीच ही इन्हें चिड़ियाघर ला दिया जाएगा। इसी बीच पिछले सप्ताह मंगलवार शाम को सेंट्रल जू अथॉरिटी की तरफ से अनुमति भी मिल गई। निदेशक प्राणिउद्यान डॉ. राजामोहन ने रविवार दोपहर डॉ योगेश सिंह संग अपनी टीम लखनऊ भेजी थी। टीम गीता को लेकर अपने साथ आ रही है।
डॉक्टर योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि ये हर्ष की बात है कि गोरखपुर जू को भी सफेद बाघ मिल रहा। 7 वर्ष की बाघिन को गोरखपुर जू लाया जा रहा है। दरअसल, ये बाघिन गीता, दिल्ली के उस चर्चित बाघ विजय की ही संतान है, जिसने कुछ साल पहले बाड़े में गलती से गिरे युवक की जान ले ली थी। यह संयोग ही है कि युवा बाघिन को लखनऊ जू के दो युवा सफेद बाघों में से एक विजय के बदले लखनऊ चिड़ियाघर लाया गया था। अब गोरखपुर चिड़ियाघर गीता का नया ठिकाना होगा।
क्वारंटीन अवधि पूरी कर आएगी बाड़े में
डॉ योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि गीता को पहले प्रबंधन के चिकित्सालय में रखा जाएगा। बाहर से किसी भी वन्य जीव को लाने पर पहले उन्हें क्वारंटीन में रखते हैं। इस दौरान उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। अगर कुछ दिक्कत या स्वास्थ्य संबंधी परेशानी सामने आएगी, तो उनका उपचार किया जाएगा। क्वारंटीन अवधि पूरी होने के बाद ही उन्हें बाड़े में लाया जाएगा।