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Gorakhpur News: ट्रक चालकों ने की थी बदसलूकी, खुद के बचाव में दरोगा ने निकाली थी पिस्टल

Thu, 05 Feb 2026 12:31 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

चिलुआताल थाना क्षेत्र के करीमनगर इलाके में दरोगा की ओर से पिस्टल निकालने के वायरल वीडियो मामले में पुलिस जांच पूरी हो गई है। जांच में दरोगा को निर्दोष पाए गए हैं और उन्हें क्लीनचिट दे दी गई है। पुलिस का कहना है कि दरोगा ट्रक चालकों से घिर गए थे और खुद के बचाव में उन्होंने पिस्टल निकाली थी। यह घटना मंगलवार की सुबह की है। करीमनगर के पास सड़क किनारे कई ट्रक खड़े कर ट्रांसपोर्टरों की ओर से बालू और गिट्टी की खुलेआम बिक्री की जा रही थी।
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चिलुआताल थाना क्षेत्र के करीमनगर इलाके में दरोगा की ओर से पिस्टल निकालने के वायरल वीडियो मामले में पुलिस जांच पूरी हो गई है। जांच में दरोगा को निर्दोष पाए गए हैं और उन्हें क्लीनचिट दे दी गई है। पुलिस का कहना है कि दरोगा ट्रक चालकों से घिर गए थे और खुद के बचाव में उन्होंने पिस्टल निकाली थी।

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यह घटना मंगलवार की सुबह की है। करीमनगर के पास सड़क किनारे कई ट्रक खड़े कर ट्रांसपोर्टरों की ओर से बालू और गिट्टी की खुलेआम बिक्री की जा रही थी। सड़क पर ट्रक खड़े होने की वजह से लंबा जाम लग गया, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

बताया जा रहा है कि इस स्थान पर पहले भी अवैध बालू मंडी को लेकर शिकायतें मिल चुकी थीं और ट्रक हटाने के निर्देश दिए गए थे। इसी दौरान एक दरोगा सादे वर्दी में उस रास्ते से गुजर रहे थे। जाम देखकर उन्होंने ट्रक चालकों को रोका और पूर्व में दिए गए आदेशों का हवाला देते हुए ट्रक हटाने को कहा।

आरोप है कि इस पर कई ट्रक चालक एकत्र हो गए और दरोगा से बहस करने लगे। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और चालक दरोगा से उलझने लगे। पुलिस जांच में सामने आया है कि ट्रक चालकों की ओर से घेर लिए जाने और संभावित खतरे को देखते हुए दरोगा ने आत्मरक्षा के लिए अपनी पिस्टल निकाल ली।

इसी दौरान कुछ ट्रक चालकों ने वीडियो बनाना शुरू कर दिया और अपशब्दों का प्रयोग किया। हालात बिगड़ते देख दरोगा ने तत्काल थाने पर फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी और अतिरिक्त फोर्स की मांग की।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद एसएसपी राज करन नय्यर ने पूरे प्रकरण की जांच एसपी सिटी अभिनव त्यागी को सौंपी थी। जांच के दौरान पुलिस ने न सिर्फ संबंधित दरोगा, बल्कि मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों और राहगीरों के भी बयान दर्ज किए।
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स्थानीय लोगों ने भी स्वीकार किया कि सड़क पर अवैध रूप से ट्रक खड़े कर बालू और गिट्टी की बिक्री की जा रही थी, जिससे जाम की स्थिति बनी थी और ट्रक चालक दरोगा से उलझे थे।

जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि दरोगा को ट्रक चालकों ने चारों तरफ से घेर लिया था। इसी कारण उन्होंने पिस्टल निकालते हुए थाने से फोर्स की मांग की थी। जांच में किसी भी तरह की लापरवाही या गलत मंशा नहीं पाई गई, इसलिए दरोगा को क्लीनचिट दे दी गई है। पुलिस अब अवैध बालू मंडी और जाम की समस्या को लेकर अलग से कार्रवाई की तैयारी कर रही है: अनुराग सिंह, सीओ कैंपियरगंज
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