गोरखपुर। पतरा बाजार स्थित लीलावती देवी इंटर कॉलेज में शनिवार को नाटक महाबली का मंचन किया गया। नाटक में दिखाया गया कि भक्ति काल के महान कवि गोस्वामी तुलसीदास मुगल बादशाह अकबर से कहीं अधिक महाबली थे, क्योंकि उनकी शक्ति और भक्ति जनमानस से जुड़ी थी।
डॉ. असगर वजाहत की ओर से लिखित और मनोज शर्मा के निर्देशन में तैयार यह 140 मिनट का नाटक दर्पण गोरखपुर ने प्रस्तुत किया। इसमें तुलसीदास की ओर से अवधी भाषा में रामचरितमानस की रचना के दौरान झेली गई सामाजिक चुनौतियों को प्रभावी ढंग से दिखाया गया। संस्कृत में ग्रंथ न लिखने पर उन्हें पुरोहित वर्ग के विरोध और सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ता है। आदित्य राजन ने तुलसीदास और शरद श्रीवास्तव ने सम्राट अकबर के किरदार को जीवंत कर दिया। दर्शकों ने नाटक को खूब सराहा। संवाद