गोरखपुर जिले में गेहूं क्रय के दौरान अब बोरों की किल्लत आने लगी है। लॉकडाउन के कारण कोलकाता से जूट कंपनियों से बोरे नहीं आ पाए। ऐसे में पहले का जो स्टाक पड़ा था उसे गेहूं की खरीद में इस्तेमाल किया गया।
खाद्य और रसद विभाग ने स्थानीय स्तर पर बोरा बनाने वाली फर्मों से संपर्क किया कि प्लास्टिक का बोरा उपलब्ध करा दें लेकिन वहां से भी पर्याप्त मात्रा में बोरा नहीं मि सका। बता दें कि जिले में हर महीने डेढ़ लाख क्विंटल खाद्यान्न सस्ते गल्ले की दुकानों पर भेजा जाता है। जिसमें तीन लाख बोरे शामिल होते हैं।
अब जिलाधिकारी के निर्देश पर कोटेदारों के वहां गोदामों से गए खाद्यान्न वाले बोरे खाली कर भेजे जा रहे हैं। इन बोरों में अब गेहूं की खरीद होगी। डिप्टी आरएमओ राकेश मोहन पांडे ने बताया कि बोरों को एकत्रित किया जा रहा है जिससे गेहूं की खरीद में कोई दिक्कत ना हो।