वहीं, दूसरी खिलाड़ी श्रुति को ग्राउंड पर ही प्राथमिक उपचार से राहत मिल गई थी। अस्पताल से लौटी बहादुर बिटिया शैवी ने मंगलवार को न सिर्फ मैच खेला, बल्कि अंतिम क्षणों में निर्णायक गोल दागकर अपनी टीम को जीत दिला दी। श्रुति भी पूरे दमखम के साथ मैदान पर उतरी और कई बार अपनी टीम के लिए गोल बचाया।
सोमवार को मैदान पर खेलते समय दो खिलाड़ियों के अचानक बीमार पड़ने दूसरी टीमों के खिलाड़ी और स्टाफ दहशत में थे। मंगलवार को आगरा बनाम लखनऊ का मैच रोमांचक तरीके से चल रहा था, लेकिन पहले हाफ में कोई गोल नहीं हुआ। दूसरे हाफ में भी कई मौके बने, लेकिन गोल में तब्दील नहीं हो पाए। रात में अस्पताल से लौटी शैवी ने समय पूरा होने से दो मिनट पहले गोल दागकर टीम को बढ़त दिला दी। इसके बाद लखनऊ के खिलाड़ियों ने काफी प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। अंतत: आगरा ने लखनऊ को 1-0 से पराजित कर दिया।