गोरखपुर। तुर्कमानपुर स्थित मकतब इस्लामियात में रविवार को महिलाओं के लिए साप्ताहिक दर्स-ए-कुरआन का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर अपने दीनी जज्बे का इजहार किया। यह दर्स प्रत्येक रविवार सुबह साढ़े ग्यारह बजे से आयोजित किया जाएगा।
दर्स का उद्घाटन करते हुए तहरीक उलेमा-ए-हिंद राजस्थान के चेयरमैन मुफ्ती खालिद अय्यूब मिस्बाही नक्शबंदी ने कहा कि कुरआन को पढ़ना, समझना और उस पर अमल करना ही इसके नाजिल होने का असली मकसद है। यह पवित्र ग्रंथ पूरी मानवता के लिए मार्गदर्शक है। इसलिए इसे सही उच्चारण और समझ के साथ पढ़ना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि केवल पढ़ना पर्याप्त नहीं बल्कि उसके संदेश को जीवन में उतारना जरूरी है।
संयोजक हाफिज रहमत अली निजामी ने कहा कि हर मुसलमान को चाहिए कि वह कुरआन की शिक्षाओं को अपने व्यवहार और फैसलों में शामिल करे। कार्यक्रम के अंत में दुरूद-ओ-सलाम पढ़कर अमन-चैन की दुआ मांगी गई। इस मौके पर ज्या वारसी, शिफा खातून, सना फातिमा, फिजा खातून, शालिबा, मुबस्सिरा, आस्मा खातून आदि मौजूद रहीं।