गलन के कारण बेअसर रही दोपहर में निकली धूप, आज से राहत के आसार
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। पछुआ हवा ने इस कदर गलन बढाई कि शनिवार अति शीत दिवस के रूप में दर्ज किया गया। दोपहर में धूप खिली, लेकिन गलन की वजह से यह बेअसर रही।
शाम 6 बजे ही प्रमुख बाजारों में ठंड का असर दिखने लगा। जहां आमतौर पर रात तक चहल-पहल रहती है, वहां सन्नाटे जैसी स्थिति नजर आने लगी। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि रविवार से हवा की दिशा पुरुआ हवा हो जाएगी। इसके प्रभाव से कोहरा और ठंड से राहत मिलने के आसार हैं।
गोरखपुर में शनिवार को अधिकतम तापमान 14.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 7.8 डिग्री सेल्सियस कम रहा। तापमान में गिरावट के अनुसार, शनिवार अति शीत दिवस के रूप में दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने अलर्ट रहने की चेतावनी दी है।
वहीं न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.4 डिग्री कम दर्ज किया गया। एक दिन पहले शुक्रवार को अधिकतम तापमान 16.3 एवं न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। दिन और रात के तापमान में कमी आई तो ठंड से कंपकपी आ गई।
विशेषज्ञाें के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आए बादल शनिवार तक साफ हो गए थे, इस कारण कोहरा घना हो गया। घने कोहरे के कारण दोपहर एक बजे धूप हुई तो लोगों को राहत महसूस हुई, लेकिन शाम चार बजे से मौसम का मिजाज बदलने लगा। गलन भरे मौसम में घरों में लोग रूम हीटर, ब्लोअर के सहारे ठंड से बचने की कोशिश करते रहे, जबकि अलाव भी जलाए जा रहे हैं।
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मौसम का अनुमान
राज्य कृषि मौसम केंद्र के प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि कोहरा के साथ पछुआ हवा चलने से गलन बढ़ गई। हवा की दिशा 4-5 किमी प्रति घंटा रही, जबकि शाम को ही हवा की दिशा दक्षिणी होने लगी। रविवार तक हवा पुरुवा हो जाएगी। इसके बाद तापमान दिन व रात के तापमान में कुछ वृद्धि होगी। दोपहर में धूप होगी।
कभी धूप तो कभी गलन... खराब हो रही सेहत
गोरखपुर। हर दिन बदल रहे मौसम के कारण लोगों की सेहत पर असर पड़ रहा है। कोहरा नहीं होने पर धूप हो रही है तो शरीर पर जैकेट बर्दाश्त नहीं हो रहा है, जबकि गलन भरी ठंड में जैकेट के बावजूद भी ठंड से कंपकपी आ रही है। तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो रही है। ऐसे मौसम में थोड़ी भी लापरवाही सेहत के लिए नुकसानदायक बन रही है। वरिष्ठ फिजिशियन डाॅ. बीके सुमन ने बताया कि बदलते तापमान के दौर में लोगों को ठंड लगने का जोखिम अधिक है। यहीं कारण है कि हार्ट अटैक, पैरालाइसिस के साथ कोल्ड डायरिया के मरीज भी अधिक आ रहे हैं। इसके साथ ही सर्दी, जुकाम, बुखार के साथ पेट दर्द के मरीज आ रहे हैं। बच्चे और बुजुर्गों को ठंड लगने से तबीयत खराब हो रही है। ओपीडी में पहुंचने वाला हर तीसरा मरीज ठंड से बीमार हुआ है।
इस कारण बिगड़ रही है तबीयत
-रूम में हीटर और ब्लोअर चलने के बाद बाहर निकले पर ठंड लग रही है,क्योंकि बाहर काम तापमान कम है।
-बीमार व्यक्ति को इलाज कराने के लिए ले जाते समय ठंड लग रही है तो तबीयत खराब रही है।
-धुंआ के पास बैठने वाले सांस रोगियों की तबीयत खराब हो रहा है।
-ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण लोग बीमार हो रहे हैं, लोग हार्ट अटैक, पैरालाइसिस से गंभीर स्थिति में पहुंच रहे हैं।
-अचानक सुगर कम होने से मरीज की तबीयत खराब हो रही है। बच्चे और बुजुर्ग निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं।
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ऐसे बदला मौसम
तिथि- अधिकतम तापमान, न्यूूनतम तापमान
27 जनवरी- 5, 14.9
26 जनवरी- 5.8, 16.3
25 जनवरी- 8.1, 16.2