असुरन चौक स्थित राप्ती कॉम्प्लेक्स में शनिवार की सुबह भूतल की 150 से ज्यादा दुकानों में बारिश का पानी घुस गया। इसके चलते दुकानों में रखा सामान भीगकर खराब हो गया। दुकानदारों का कहना है कि सूचना देने के बाद नगर निगम से पानी निकालने को तीन घंटे बाद एक जेनरेटर भेजा गया। करीब दो से तीन करोड़ रुपये का नुकसान हुआ ।
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि जलभराव के कारण ग्राहकों का आना बंद हो गया है। कई दुकानों में रखा सामान पानी से खराब हो गया। उनका कहना है कि हर बार बारिश के दौरान यही स्थिति बन जाती है। अब तक स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।
दुकानदारों का कहना है कि नगर निगम के नाली की दीवाल कमजोर थी, कई बार नगर निगम के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। पर इस तरफ ध्यान ही नहीे दिया गया। मरम्मत का कार्य नहीं होने के चलते पानी के दबाव में दीवाल टूट गयी।
दोपहर 12 बजे दुकान का शटर खोलकर नुकसान देखने गए तेजांत ने बताया कि 12 बजे रहा है अब तक बस एक जनरेटर आया है। हमारा लाखों का नुकसान हो गया है इसकी भरपाई कौन करेगा। दुकानदार शिवम ने बताया कि बारिश के वजह से 10 से 15 हजार का नुकसान हो गया है।
उन्होंने क्षतिग्रस्त नाली की मरम्मत कराने, जल निकासी की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। निशा सिंह ने कहा कि बारिश ने एक बार फिर शहर की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया हैं।
दुकानदारों की पीड़ा
मेरी सिलाई की दुकान है। बारिश का पानी दुकान में घुसने से मेरा सिलाई का काफी सामान और मशीनें खराब हो गई हैं। इससे मेरा काफी नुकसान हो गया है। जलभराव के बीच जैसे-तैसे रिक्शे में लादकर अपने बचे हुए सामान को सुरक्षित जगह ले जा रही हूं: नीलू ओझा
मेरी मोबाइल की दुकान में करीब डेढ़ फीट तक पानी भर गया है। सारे कीमती इलेक्ट्रॉनिक सामान और मोबाइल पार्ट्स पूरी तरह खराब हो चुके हैं। सिर्फ मेरी ही नहीं आस-पास की सभी दुकानों का यही हाल है। हम सभी दुकानदारों का धंधा ठप हो गया है: अंकुर पांडेय
सुबह नगर निगम की टीम ने पानी निकालने के लिए एक जेनरेटर की व्यवस्था की पर पानी ज्यादा होने के कारण दुकानों में जलभराव अभी भी है। हम लोगों को बहुत नुकसान हो गया है: राधा नेगी
हर महीने हम लोग टैक्स का समय से भुगतान कर देते हैं। इसके बाद भी इस इलाके की नालियां हमेशा जाम ही रहती है। शिकायत के बाद भी कभी ठीक से सफाई नहीं करवाई जाती है। इससे दुकानदाराें के साथ-साथ ग्राहकों भी समस्या होती है: धनंजय