जिला अस्पताल में मेडिकल जांच के दौरान बुधवार सुबह पुलिस अभिरक्षा में लाया गया एक बाल अपचारी पुलिसकर्मियों को धक्का देकर भाग गया। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। बाल अपचारी की तलाश के लिए चार टीमें गठित की गईं। वहीं, मामले में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आने पर एसएसपी ने देर शाम दरोगा समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।
निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में दरोगा संजय पांडेय के अलावा हेड कांस्टेबल रामधारी यादव, राजेश कुमार और प्रेम नारायण वर्मा शामिल हैं। इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, राजघाट थाना क्षेत्र का रहने वाला किशोर करीब 15 दिन पहले चोरी के एक मामले में पकड़ा गया था। न्यायालय के आदेश पर उसे बाल सुधार गृह भेजा गया था। बुधवार को रूटीन स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पुलिस अभिरक्षा में तीन बाल अपचारियों को जिला अस्पताल लाया गया।
बताया गया कि स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान पुलिसकर्मी तीनों बाल अपचारियों को अलग-अलग ले जाने के बजाय एक साथ लेकर जा रहे थे। इसी दौरान एक बाल अपचारी ने मौका पाकर पुलिसकर्मियों को धक्का दिया और अस्पताल परिसर से भाग निकला।
पुलिसकर्मियों ने तत्काल इसकी सूचना अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई और आसपास के इलाकों में घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कराया गया। भागे बाल अपचारी की तलाश में चार टीमें लगाई गई हैं।
पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और परिजनों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। इसके अलावा जिला अस्पताल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि बाल अपचारी के भागने के रास्ते का पता लगाया जा सके।
बाल अपचारी की तलाश के लिए चार टीमें लगाई गई हैं। ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। दरोगा संजय पांडेय, हेड कांस्टेबल रामधारी यादव, राजेश कुमार और प्रेम नारायण वर्मा को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच जारी है:
निमिष पाटील, एसपी सिटी