0- पीपीगंज और खोराबार ग्रामीण बिजली उपकेंद्र का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। खोराबार और पीपीगंज ग्रामीण बिजली उपकेंद्रों से जुड़े 20 हजार परिवारों को बेहतर बिजली आपूर्ति मिलने में दिक्कत हो रही है। बिजली निगम का दावा है कि रेलवे और एमएमएमयूटी ने अभी तक भेजे गए पत्र पर अपना पक्ष नहीं दिया है। ऐसे में ठेकेदार काम नहीं कर रहे। बिजली निगम की तरफ से दोनों विभागों को पत्र लिखकर लाइन निर्माण की अनुमति मांगी गई है।
दरअसल, पीपीगंज नगर पंचायत के हरपुर गांव में तीन साल पहले 47 करोड़ से 132 केवी ट्रांसमिशन बिजली घर बना। माध्यमिक कार्यखंड ने लाइन बनाने के काम दो महीने पहले शुरू किया था।
इस लाइन के लिए रेलवे क्राॅसिंग से भूमिगत केबल बिछाया जाना था। इस काम के लिए अनुमति मांगी गई थी, लेकिन अभी तक नहीं मिली। इससे काम नहीं शुरू हो सका। वहीं, खोराबार ग्रामीण बिजली घर की ओवरहेड लाइन को भूमिगत किया जाना था, इस काम को एमएमएमयूटी प्रशासन ने रोक दिया। ऐसे में ठेकेदारों ने काम ठप कर दिया।
अधिशासी अभियंता मनीष कुमार झा ने बताया कि इंजीनियरिंग कॉलेज प्रशासन से एक सप्ताह के भीतर अनुमति ले ली जाएगी। पूरी कार्ययोजना उन्हें दिखाई जाएगी। इसके बाद भूमिगत केबल का काम शुरू हो जाएगा।