शहीद अशफाक उल्लाह नगर वार्ड के तुर्कमानपुर के विभिन्न बूथों पर 11.87, 16.72 और 18.65 प्रतिशत तक मतदान हुआ। इस वार्ड में कुल मिलाकर 29.5 फीसदी मतदान हुआ। महाराणा प्रताप नगर वार्ड के रसूलपुर मतदान केंद्र पर 18.72, जामियानगर में 22.99, पट्टन में 20.63 फीसदी मतदान हुआ। शाहपुर वार्ड के विभिन्न बूथों पर सिर्फ 16.17, 18.40 फीसदी तक ही मतदान हुआ। सूरजकुंड धाम नगर वार्ड के दरियाचक इलाके के विभिन्न बूथों में मतदान का प्रतिशत सिर्फ, 6.86, 24.41 और 20.08 फीसदी रहा।
सूरजकुंड वार्ड के पार्षद प्रत्याशी जुबैर अहमद ने कहा कि पता नहीं इस बार वोटिंग को लेकर लोगों में उतना उत्साह नहीं था। पंडित रामप्रसाद बिस्मिल नगर के पार्षद प्रतिनिधि अफरोज गब्बर ने कहा कि बड़े पैमाने पर वोटर घर से निकले ही नहीं। लिहाजा वार्ड में वोटिंग प्रतिशत बहुत मुश्किल से 24.2 फीसद ही हो सका। बेनीगंज के पार्षद प्रतिनिधि उजैर अहमद ने कहा कि नाम कटने की वजह से वोटिंग प्रतिशत कम रहा है।
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वार्ड कुछ यूं रहा वोटिंग प्रतिशत
- पंडित राम प्रसाद बिस्मिल नगर- 24.2
- शहीद अशफाक उल्लाह नगर- 29.5
- सूरजकुंड धाम नगर- 25.47
- मायाबाजार- 29.70
- नरसिंहपुर- 29.58
- बेनीगंज- 30.28
- शाहपुर- 31.08
- महर्षि दधीचि नगर- 31.6
- आत्माराम नगर- 33.37
- घंटाघर- 35.00
- महाराणा प्रताप नगर- 36.7
कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. सैयद जमाल ने कहा कि लोगों के मन में काफी निराशा है। लिहाजा मुस्लिम समाज के काफी कम लोग मतदान करने के लिए निकले। अगर लगता कि कुछ हो सकता है तो हो सकता था कि इस समाज के ज्यादा लोग मतदान करने के लिए निकलते। ऐसा 2012 में हुआ था। उन्हीं इलाकों में ज्यादा मतदान हुआ है, जिस इलाके के पार्षद ज्यादा सक्रिय रहे। मेयर को लेकर कोई उत्साह नहीं दिखा। ऐसे में अधिकांश लोग 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर अपने आपको इस बार समेट कर रखे रखे।
सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष जफर अमीन डक्कू ने कहा कि मुस्लिम इलाकों में मतदान का प्रतिशत कम रहा है, लेकिन इसकी मुख्य वजह से मतदान सूची में गड़बड़ी है। पूरे परिवार का नाम मतदाता सूची से गायब है। सिर्फ पार्षद प्रत्याशी अपने दम पर मतदाताओं को मतदान स्थल तक लाने में सफल रहे हैं। अल्पसंख्यक समाज के लिए इस चुनाव में बंटना नहीं चाहते। अगर बंट जाएंगे तो आने वाले चुनाव में इसका खराब असर पड़ेगा। 2024 के चुनाव को लेकर मुस्लिम समाज अभी से एकजुट होने लगा है।
पूर्व महानगर अध्यक्ष जियाउल इस्लाम ने कहा कि मतदान कम होने की मुख्य वजह से मतदाता सूची में गड़बड़ी है। ऐसा नहीं कहा जा सकता कि केवल मुस्लिम बहुत इलाकों में मतदान कम हुआ है। हो सकता है कि कुछ वार्डों में कम मतदान हुआ हो। मेरे वार्ड में तो पिछली बार की तुलना में थोड़ा ज्यादा ही हुआ है। अगर मतदाता सूची को सही कर दिया जाए तो नगर निगम का ओवरऑल मतदान प्रतिशत भी बढ़कर 40 प्रतिशत से ऊपर हो जाएगा। इसमें सुधार की आवश्यकता है।