कोरोना संकट की वजह से मंडल में दो हजार से ज्यादा लोगों को आंखों की रोशनी पाने का इंतजार बढ़ गया है। नेत्रदान बंद है। कॉर्निया बैंक खाली हैं। पूर्वांचल में आंखों की रोशनी के इलाज का सबसे बड़ा केंद्र बीआरडी मेडिकल कॉलेज है।
बड़ी संख्या में लोगों को आंखों में रोशनी के लिए कॉर्निया की दरकार है। मेडिकल कॉलेज में दो साल पहले आई बैंक की शुरूआत हुई थी। यहां पर कार्निया सुरक्षित रखा जाता है। आंकड़ों के मुताबिक अब तक 24 मरीजों को कार्निया प्रत्यारोपित किया जा चुका है, लेकिन इस वक्त मेडिकल कॉलेज में करीब 950 लोग कार्निया का इंतजार कर रहे हैं। 22 मार्च से कार्निया एक भी व्यक्ति को नहीं लगा है।
इसके अलावा महानगर में राज आई हॉस्पिटल में कार्निया बैंक है। यहां भी एक हजार से ज्यादा लोगों को कार्निया का इंतजार है। इन मरीजों में गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज जिले के साथ ही बिहार और नेपाल के लोग शामिल हैं।
डॉ. वाई सिंह ने सोशल मीडिया पर चलाई मुहिम
नेत्रदान को लेकर प्रसिद्ध नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ वाई सिंह ने सोशल मीडिया पर मुहिम चला रखी है। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद वह नेत्रदान के लिए लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। डॉ वाई सिंह का कहना है कि नेत्रदान को लेकर इस समय जागरूकता लाने की जरूरत है। लोग जागरूक होंगे तो बहुत सारे लोगों को रोशनी मिल जाएगी।