बेलीपार थाना क्षेत्र के बलुईगाड़ा गांव का मामला, पुलिस जांच में जुटी
महावीर छपरा (गोरखपुर)। बेलीपार थाना क्षेत्र के बलुईगाड़ा गांव में अवैध मिट्टी खनन से तंग आकर ग्रामीणों ने डंपर और पोकलेन के शीशे तोड़ दिए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खनन कार्य के दौरान उड़ती धूल और भारी डंपरों की आवाजाही से उनके खेतों में लगी फसलें लगातार प्रभावित हो रही हैं। खनन माफिया दबंग और मनबढ़ हैं, जो गांववासियों की फसल और आम जनजीवन की अनदेखी कर रहे हैं।
इस नाराजगी के चलते कई ग्रामीण मौके पर पहुंचे और खनन कार्य कर रही मशीनों और छह डंपरों को क्षतिग्रस्त कर दिया। पोकलेन मशीन के शीशे भी तोड़ दिए गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
बलुईगाड़ा के ग्राम प्रधान विपिन कुमार ने बताया कि धूल और खनन से फसलों का व्यापक नुकसान हो रहा है और सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री और कमिश्नर को प्रार्थना पत्र भेजकर शिकायत दर्ज कराई है। घटना के बाद डंपर चालकों ने भी बेलीपार थाने में प्रार्थनापत्र दिया।
थानाध्यक्ष विशाल कुमार सिंह ने बताया कि जांच मरवड़िया चौकी इंचार्ज शमशेर यादव को सौंपी गई है। जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बाढ़ के समय हो सकता है खतरा
बलुईगाड़ा गांव के धर्मेंद्र चौधरी ने बताया कि वैध और अवैध खनन में चल रहे डंपरों की आवाजाही से हमारे खेतों में लगी फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। अखिलेश गौड़ ने कहा कि गांव के पास खनन बिना अनुमति की जा रही है जिससे बाढ़ के समय गांव खतरे में पड़ सकता है। कन्हैया निषाद ने बताया कि खनन में चल रहे डंपरों के लिए बनाई गई वैकल्पिक सड़कों पर पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा, जिससे उड़ती धूल घरों और फसलों को नुकसान पहुंचा रही है। गिरी चंद निषाद ने कहा कि दिन-रात हो रहे खनन के कारण रात में घरों में सोना और सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है। ग्राम प्रधान विपिन कुमार ने बताया कि वर्तमान समय में भी खनन जारी है। इसकी शिकायत डीएम, एसडीएम, तहसीलदार, मुख्यमंत्री पोर्टल आदि जगहों पर की गई लेकिन खनन माफिया धड़ल्ले से मिट्टी खनन कर रहे हैं और रोकने या पूछने पर मारपीट और गाली-गलौज पर उतर आते हैं।